असमः मदरसे को लेकर शिक्षा मंत्री के बयान पर मचा बवाल

Daily news network Posted: 2018-04-07 19:13:28 IST Updated: 2018-04-07 19:51:34 IST
  • असम के शिक्षा मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बयान ने राज्य में विवाद को हवा दे दी है। शिक्षा मंत्री के द्वारा शुक्रवार को दिए गए एक बयान में कहा कि मदरसों में अरबी की जगह असमिया पढ़ार्इ जानी चाहिए।

गुवाहाटी।

असम के शिक्षा मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बयान ने राज्य में विवाद को हवा दे दी है। शिक्षा मंत्री के द्वारा शुक्रवार को दिए गए एक बयान में कहा कि मदरसों में अरबी की जगह असमिया पढ़ार्इ जानी चाहिए। जिस पर कड़ा विरोध हाे रहा है। उन्होंने कहा असमिया अरब देशों में नहीं पढ़ार्इ जाती है तो फिर असम में अरबी पढ़ाने की कोर्इ जरूरत नहीं है।

  

 


मंत्री द्वारा दिए गए इस बयान पर कांग्रेस के पूर्व वन मंत्री रकीबुल हुसैन ने पूछा कि असमिया काे तो इंग्लैंड में भी नहीं पढ़ार्इ जाती है तो असम में अंग्रेजी क्यों पढ़ार्इ जाती है। इस पर सरमा ने कहा कि मुझे समझ नहीं आता है कि जब भी अरबी के बारे में कुछ कहा जाता है तो वह आप लोगों को परेशान क्यों करता है? इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार लोगों के पैसे को अरबी पढ़ा कर बर्बाद कर रही है। हिमंत ने कहा कि करदाता बड़ी मेहनत से ये पैसा कमाते हैं।

 


 इसके अलावा मंत्री ने कहा कि सरकार मदरसों आैर संस्कृत जैसे स्कूलों में गणित, अंग्रेजी आैर विज्ञान जैसे बिषयों का आधुनिकरण करना चाहती है। बता दें कि अध्यक्ष के द्वारा आयोजित की गर्इ शिक्षा पर दो दिवसीय की चर्चा में मंत्री ने ये बातें कही। इस पर एआर्इयूडीएफ के विधायक अमीनुल इस्लाम ने सदन से बाहर पत्रकारों से कहा कि हमारे राज्य से बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में पश्चिम एशिया जाते हैं, जहां अरबी का ज्ञान उनके लिए वहां फायदेमंद होता है।