साहित्य सभा ने सरकार को दिया अल्टीमेटम, जानिए पूरा वाकया

Daily news network Posted: 2019-02-03 14:41:13 IST Updated: 2019-02-03 14:41:13 IST
साहित्य सभा ने सरकार को दिया अल्टीमेटम, जानिए पूरा वाकया
  • नागरिकता कानून संशोधन विधेयक-2016 केंद्र और राज्य में सत्ता संभालना भाजपा तथा उसके कर्णधारों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। पड़ोस के तमाम राज्यों के मुख्यमंत्री इसके विरोध में नई दिल्ली में लगातार विरोध जता रहे हैं...

नागरिकता कानून संशोधन विधेयक-2016 केंद्र और राज्य में सत्ता संभालना भाजपा तथा उसके कर्णधारों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। पड़ोस के तमाम राज्यों के मुख्यमंत्री इसके विरोध में नई दिल्ली में लगातार विरोध जता रहे हैं। असम सरकार के लिए भी बहुत बड़ी चुनौती बन गई है।

 

 

 


 राज्य की सबसे प्रतिष्ठित और 102 साल पुरानी संस्था असम साहित्य सभा ने तो इसके खिलाफ आजादी की लडाई की तरह नागरिक अवज्ञा आंदोलन की धमकी दे दी है। असम साहित्य सभा का इसके प्रारंभ काल से ही असमिया जनजीवन में अत्यंत प्रमुख स्थान रहा है। नगांव जिले के रोहा में इसके 10 वें विशेष अधिवेशन में भी यह विषय छाया रहा।

 

 

 


 साहित्य सभा के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से तय किया है कि राज्य की अन्य क्षेत्रीय और गैर-भाजपाई राजनीतिक पार्टियों की तरह वह भी नागरकिता कानून संशोधन विधेयक का विरोध जारी रखेगी। विशेष अधिवेशन के शुरूआत में ही इस दिशा में एक कदम और आगे बढ़ने का फैसला लिया गया है। कहा गया कि अगर विधेयक राज्यसभा में भी पारित करा लिया गया तो साहित्य सभा सरकार के खिलाफ कानूनी कदम उठाएगी। कानूनी प्रक्रिया में विफल रहने की हालत में वह समूचे  राज्य में नागरिक अवज्ञा आंदोलन चलाएगी।