नागालैंड चुनाव में नहीं चला अमीर प्रत्याशियों का जादू, दो सबसे रईस उम्मीदवारों को मिली हार

Daily news network Posted: 2018-03-05 15:37:07 IST Updated: 2018-03-05 15:37:07 IST
नागालैंड चुनाव में नहीं चला अमीर प्रत्याशियों का जादू, दो सबसे रईस उम्मीदवारों को मिली हार
  • त्रिपुरा में बंपर जीत हासिल करने वाली भारतीय जनता पार्टी अब नागालैंड में गठबंधन की सरकार बना रही है।

कोहिमा।

त्रिपुरा में बंपर जीत हासिल करने वाली भारतीय जनता पार्टी अब नागालैंड में गठबंधन की सरकार बना रही है। नागालैंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 12 तो वहीं उसकी सहयोगी पार्टी एनडीपीपी को 17 सीटें मिली हैं। इस गठबंधन को जेडीयू और एक निर्दलीय ने भी समर्थन दिया है। जेडीयू ने नागालैंड विधानसभा चुनाव में कुल 13 उम्मीदवार उतारे थे, इससे में महज एक उम्मीदवार को ही जीत नसीब हुई। आश्चर्यजनक रूप से नागालैंड के दो सबसे रईस उम्मीदवार चुनाव हार गए हैं।

 

 


 रामोंगो लोथा ने जेडीयू के टिकट पर सानिस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन इन्हें हार का सामना करना पड़ा है। लोथा को एनडीपीपी के उम्मीदवार महाथुंग यनतान ने 2992 वोट से हरा दिया। रामोंगो लोथा को कुल 7556 वोट मिले। वहीं महाथुंग को 10548 वोट मिले। बता दें कि लोथा नागालैंड के सबसे अमीर प्रत्याशी थे। उनकी कुल संपत्ति 38 करोड़ 92 लाख से भी ज्यादा थी।

 

 

 


 वहीं दूसरी तरफ नागालैंड के एक और करोड़पति उम्मीदवार पूर्व मुख्यमंत्री केएल चिशी भी चुनाव हार गए हैं। चिशी ने भाजपा के टिकट पर अतोईजू सीट से चुनाव लड़ा था। उन्हें भी एनपीएफ के उम्मीदवार ने महज 838 वोट से हरा दिया। चिशी को 6805 वोट मिले। वहीं एनपीएफ के उम्मीदवार पिकटो के खाते में 7643 वोट आए। बता दें कि चिशी के पास 38.16 करोड़ की चल और अचल संपत्ति है। उन्होंने अपने हलफनामे में कहा है कि उनको खेती और रबर प्लांटनेशन से आय होती है। हालांकि साल 2013 के मुकाबले चिशी की संपत्ति 11 करोड़ कम हुई है। वर्ष 2013 में उन्होंने 50.19 करोड़ की संपत्ति होने की बात कही थी।

 

 

 


 चिशी के बाद एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल डेमोक्रेटिक पीपुल्स पार्टी (एनडीपीपी) के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार नेफ्यू रियो का नंबर है। उनके पास करीब 28.15 करोड़ की संपत्ति है। उनकी पार्टी ने इस बार भाजपा से चुनावी तालमेल किया है। रियो निर्विरोध चुने जा चुके हैं। हालांकि पिछली बार के मुकाबले उनकी भी संपत्ति घटी है। बता दें कि नेफ्यू रियो ने हाल ही में संसद से इस्तीफा दे दिया था। रियो तीन बार नागालैंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। कुछ दिनों पहले एनपीएफ  के उम्मीदवार चुपुफुओ ने अंगामी सीट से नाम वापस ले लिया, जिसके बाद रियो को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। यह दूसरी बार है जब रियो विधानसभा चुनाव में निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। 1998 में वह पहली बार निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुए थे। तब वे कांग्रेस के उम्मीदवार थे।