नार्थ ईस्ट में सेना के इंफ्रास्ट्रक्चर प्राथमिकता देगी रेलवे

Daily news network Posted: 2018-03-12 16:42:27 IST Updated: 2018-03-12 17:20:03 IST
नार्थ ईस्ट में सेना के इंफ्रास्ट्रक्चर प्राथमिकता देगी रेलवे
  • भारतीय सेना को इस बार रेलवे ने कर्इ प्रस्ताव भेजे गए हैं। जिन पर रेलवे ने काम करना शुरू किया है।

नर्इ दिल्ली।

पूर्वोत्तर राज्यों में चीन की तेजी से बढ़ती मौजूदगी और बढ़ते

इंफ्रास्ट्रक्चर को देखते हुए रेलवे अब सेना की जरूरतों को सर्वोच्च

प्राथमिकता दे रही है। इसके चलते रेलवे ने भारतीय सेना को कई प्रस्ताव भेजकर उन पर काम करना शुरु कर दिया। इनमें स्पेशल आर्मी ट्रेनों की मॉनिटरिंग और पूर्वोत्तर में कई रेलवे लाइनों पर मौजूद सैन्य शेडों पर नए रैंपों का निर्माण करना है। इससे टैंको, बख्तरबंद वाहनों, तोपों और गोलाबारुद की खेप को भौगोलिक दृष्टि से नार्थ र्इस्ट के दूरदराज के स्थानों तक तुरंत पहुंचाया जा सकेगा।

 


 

 सेना के लिए यह सुविधाएं अरुणाचल प्रदेश के भालुकपुंग, असम के सिलापाथर व माकुम और नगालैंड के मोकोकचुंग और दीमापुर में तैयार की जाएंगी। इसके अलावा रेलवे अपने अधिकारियों को फारवर्ड एरिया में भी भेजेगी ताकि वे सेना सामरिक जरूरतों को मौके पर जाकर समझ सकें।



बता दें कि सेना रेलवे की सबसे बड़ी ग्राहक है। सेना ने रेलवे से 5000 वैगन खरीदे हुए हैं। ये वैगन देशभर में मिलिट्री मूवमेंट के लिए इस्तेमाल होते हैं।​ अब इन वैगनों की टैगिंग की जा रही ताकि सेना को रियल टाइम में यह पता रहे कि​ कितने वैगन कहां खड़े हैं। इसके अलावा सैनिकों के मूवमेंट के लिए सेना ने 800 ट्रेनें भी ली हुईं हैं। इनकी भी ऑनलाइन ट्रैकिंग की व्यवस्था रेलवे करेगी। रेलवे को सेना से हर साल इन सेवाओं के लिए करीब दो हजार करोड़ रुपए मिलते हैं।