असमः भाजपा के नेता ने कहा, कांग्रेस का असली चेहरा आया सामने

Daily news network Posted: 2018-04-20 13:55:33 IST Updated: 2018-04-20 16:08:54 IST
असमः भाजपा के नेता ने कहा, कांग्रेस का असली चेहरा आया सामने
  • सीबीआर्इ अदालत के न्यायाधीश बीएच लोया के निधन के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गुरूवार को सुनाए गए फैसले से यह साफ हो गया है कि उनकी स्वाभाविक मौत हुर्इ थी।

गुवाहाटी।

सीबीआर्इ अदालत के न्यायाधीश बीएच लोया के निधन के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गुरूवार को सुनाए गए  फैसले से यह साफ हो गया है कि उनकी स्वाभाविक मौत हुर्इ थी। असम के भाजपा अध्यक्ष रंजीत दास ने जारी की गर्इ एक प्रेस रिलीज में कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोया निधन के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का नाम जोड़कर जो घटिया हरकत की थी, सुप्रीम कोर्ट ने उसे अपने फैसले में साफ कर दिया है।

 

 


दास ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर कहा कि कोर्ट इस मामले से जुडत्री जनहित याचिका को राजनीति कारणों से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि कोर्ट के इस फैसले से कांग्रेस का असली चेहरा सामने आ गया है।

  


 

राहुल गांधी शाह से मांगे माफी

 

प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रमोद स्वामी ने कहा कि जस्टिस लोया के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद यह बात साफ हो गर्इ है कि जो लोग इस मामले में दुष्प्रचार कर रहे थे वे लोग आज बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने राहुल गांधी से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से माफी मांगने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शाह के साथ राहुल गांधी को देया की जनता से भी माफी मांगनी चाहिए। 

 



कोर्ट से एसआर्इटी जांच के लिए किया मना

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को जज लोया की मौत के मामले पर सुनवाई करते हुए मामले की एसआईटी जांच से साफ इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जांच के लिए दायर की गई याचिका का आधार कमजोर हैं, इसलिए उसकी मांगों को स्वीकारा नहीं जा सकता।

 


कोर्ट ने कहा- ये न्यायपालिका को बदनाम करने की साजिश


सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जज लोया के साथ नागपुर में शादी समारोह में बॉम्बे हाईकोर्ट के चार जज और मौजूद थे। उनके बयानों से साबित होता है कि जज लोया की मौत हार्ट अटैक से हुई थी। यह पूरी तरह प्राकृतिक मौत थी। कोर्ट ने कहा कि जजों के बयान पर शक करना और सवाल उठाना न्यायपालिका की अवमानना के समान है। ये याचिकाएं कोर्ट को बदनाम करने की साजिश का हिस्सा हैं। इन्हें राजनीतिक हित साधने के इरादे से दायर किया गया है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच इस केस में सुनवाई कर रही थी। इस बेंच में जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भी थे।

 

 


जज लोया की मौत का मामला?


सीबीआई के स्पेशल जज बीएच लोया की मौत 1 दिसंबर 2014 को नागपुर में हुई थी। वे अपने कलीग की बेटी की शादी में शामिल होने जा रहे थे। उस वक्त जज लोया के साथ बॉम्बे हाईकोर्ट के चार और जज थे। उन्होंने बयान में कहा था कि रास्ते में जज लोया को हार्ट अटैक आया। उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था, जहां उनकी मौत हो गई थी।

 

मौत पर सवाल ?


पिछले साल नवंबर में जज लोया की मौत के हालात पर उनकी बहन ने शक जाहिर किया। इसके तार सोहराबुद्दीन एनकाउंटर से जोड़े गए। दावा है कि परिवार को 100 करोड़ रुपए की रिश्वत देने की कोशिश की गई थी।