भाजपा के खिलाफ खड़े हुए 70 संगठन, राहुल गांधी के साथ मिलकर बनाया ऐसा खतरनाक प्लान

Daily news network Posted: 2019-02-06 10:55:36 IST Updated: 2019-02-06 10:55:36 IST
भाजपा के खिलाफ खड़े हुए 70 संगठन, राहुल गांधी के साथ मिलकर बनाया ऐसा खतरनाक प्लान

असम में नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध अब दिल्ली जा पहुंचा है। दिल्ली में असम के 70 संगठनों के नेता प्रमुखों ने एनडीए विरोधी तमाम दलों के प्रमुख नेताओं से मुलाकात कर नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ असम और उत्तर पूर्व (नॉर्थईस्ट) के लोगों के सांस्कृतिक, भौगोलिक, राजनीतिक, सामाजिक अस्मिता और अस्तित्व की रक्षा के लिए एकजुट होकर बिल को राज्य सभा से पारित होने से रोकने की अपील की है।


 

असम से दिल्ली गए 70 संगठनों में मुख्य रूप से अखिल असम छात्र संघठन (AASU), नार्थईस्ट स्टूडेंट्स ऑर्गेनाईजेशन (नेसो), कृषक मुक्ति संग्राम समिति, फोरम अगेंस्ट सिटीजनशिप एक्ट अमेंडमेंट बिल, आल असम माइनॉरिटी स्टूडेंट्स यूनियन (आमसु), असम जातीयतावादी युवा छात्र परिषद्, ऑल असम ताई आहोम स्टूडेंट्स यूनियन, ऑल असम टी ट्राइब्स स्टूडेंट्स एसोसिएशन, त्रिपुरा छात्र संघ, अखिल मणिपुरी छात्र संघ, मिज़ो ज़ीराली पॉल, खासी छत्र संग, गारो छत्र संघ, अरुणाचल प्रदेश छत्र संघ के प्रतिनिधियों ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, जेडीयू नेता के सी त्यागी, शिव सेना नेता शाफल रावत, तृणमूल  कांग्रेस नेता स्वागत राय, सीपीएम नेता सीताराम येचुरी से मुलाकात कर राज्य सभा में सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल 2016 के खिलाफ मतदान करने की अनुरोध किया और प्रतिनिधिमंडल ने मीडिया से साझा करते हुए कहा कि सभी बीजेपी विरोधी पार्टियों ने बिल के खिलाफ मतदान करने की आश्वासन दिया है।

 


इस प्रतिनिधिमंडल में अखिल असम छात्र संघ (आसू) के सलाहकार -डॉ. संमुज्वल कुमार भट्टाचार्य, कृषक  मुक्ति संग्राम समिति के नेता - अखिल गोगोई और फोरम अगेंस्ट सिटीजनशिप एक्ट अमेंडमेंट बिल के प्रतिनिधि के रूप में साहित्यकार, बुद्धिजीवी डॉ.हिरेन गोहाय, वरिष्ठ असमिया पत्रकार हैदर हुसैन और मंजीत महंत जैसे सरीखे लोग शामिल थे। 


 

गौरतलब है कि असम के बाहुबली मंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ दिल्ली में मुलाकात कर असम के छात्र संघ के नेता, बुद्धिजीवियों और अन्य प्रतिनिधियों के खिंचाए तस्वीरों पर कटाक्ष करते हुए बयान दिया है कि जिस कांग्रेस ने हमेशा बांग्लादेशी मुस्लिम नागरिकों को वोट बैंक के लिए असम में पनाह और राजनितिक सुरक्षा प्रदान की हैं और जो असम आंदोलन का विरोधी रहा है। आज उसी कांग्रेस पार्टी के नेता के साथ असम के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि फोटो खिंचाओ प्रतियोगिता खेल कर दिल्ली से आए हैं।

 


डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के इस बयान पर पलटवार करते हुए असम फोरम अगेंस्ट सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट बिल संयोजक मंजीत महंत ने कहा कि  हम लोग कभी भी कांग्रेस के हिस्सा न थे और न ही हैं, पर असम के हितों की रक्षा के लिए इस बिल के खिलाफ हर दल से मदद की आस रखते हैं और रखेंगे। हिमंत विश्व शर्मा के बयान की क्या गंभीरता जो कभी कांग्रेस में रहते गुजरात में बीजेपी के शासन में पानी के सीवरों से मुसलमानों का खून बहता है, कहा था और आज उसी बीजेपी का हिमंत विश्व शर्मा नेता बन गए।