‘मोदी ने बिल रद्द नहीं किया तो हम अपने सिर कलम कर देंगे’

Daily news network Posted: 2019-02-11 16:47:59 IST Updated: 2019-02-12 08:23:59 IST

सिलचर।

असम सहित पूरे पूर्वोत्तर में नागरिकता (संशोधन)बिल के खिलाफ जारी प्रदर्शनों के बीच कछार इंडिजिनस पीपुल्स प्रोटेक्शन कमेटी ने 10 फरवरी को कहा कि अगर जरूरत पड़ी और नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने बिल को रद्द नहीं किया तो वे अपने सिर काट लेंगे। बिल के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शित करने के लिए 10 फरवरी को कमेटी के सदस्यों ने अपने सिर मुंडवा लिए।

 

 


 कमेटी के एक सदस्य ने कहा, फिलहाल तो हमने अपने सिर मुंडवाए हैं, कल को अगर जरूरत पड़ी तो हमें अपने सिर कलम करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। करीब 20 लोगों ने अपने सिर मुंडवाए। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला फूंका। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 9 फरवरी को कहा कि नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ अफवाहें फैलाई जा रही है। जो लोग एसी के

 कमरों में बैठे हैं वे नागरिकता बिल के संबंध में झूठी अफवाहें फैला रहे हैं। एनडीए सरकार पूर्वोत्तर की भाषा, संसाधनों और संस्कृति की पूरी रक्षा करेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात 9 फरवरी को कामरुप के

 चांगसारी में एक जनसभा के दौरान कही।

 

 


 आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन बिल 8 जनवरी को लोकसभा में पारित हो चुका है। बिल पारित होने के बाद असम सहित पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। बिल अभी तक राज्यसभा मेंपेश नहीं किया गया है। ऊपरी सदन में मोदी सरकार के पास बहुमत नहीं है। कहा जा रहा है कि मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार 12 फरवरी को बिल राज्यसभा में बिल पेश कर सकती है। नागरिकता कानून 1955 में संशोधन किया जा रहा है। बिल में धार्मिक अत्याचारण के कारण अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए 6 धर्मों के लोगों को भारतीय नागरिकता दिए जाने का प्रावधान शामिल किया गया है। बिल के विरोध में असम गण परिषद भाजपा से अपना गठबंधन तोड़ चुकी है। मेघालय में सत्तारुढ़ एनपीपी ने भी एनडीए से गठबंधन तोडऩे की धमकी दी है।