त्रिपुरा: CPI(M) और IPFT कार्यकर्ताओं में झड़प, 2 पुलिस अधिकारी सहित आठ से ज्यादा घायल

Daily news network Posted: 2018-02-10 11:50:30 IST Updated: 2018-02-10 11:50:30 IST
त्रिपुरा: CPI(M) और IPFT कार्यकर्ताओं में झड़प, 2 पुलिस अधिकारी सहित आठ से ज्यादा घायल

ताकारजला।

पूर्वोत्तर के राज्य त्रिपुरा में विधानसभा चुनावों से पहले हिंसक झड़पों की खबरें सामने आ रही है। त्रिपुरा के ताकारजला विधानसभा क्षेत्र में सत्तारूढ़ माकपा और भाजपा की चुनावी सहयोगी इंडिजिनियस पीपल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के कार्यकर्ताओं के बीच में हुई झड़प में दो पुलिस अधिकारी समेत आठ व्यक्ति घायल हो गए।


 

 


पुलिस अधीक्षक प्रदीप दे ने बताया कि माकपा उम्मीदवार रमेंद्र देबबर्मा के ताकारजला विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान आईपीएफटी के कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले पर पथराव किया और लाठियां भांजी। आईपीएफटी के हमले के बाद माकपाइयों ने भी जवाबी हमला किया।  इसमें दो पुलिसवालों समेत आठ लोग घायल हो गए। घायलों को गंभीर हालत में गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल में दाखिल कराया गया है। इस दौरान घायल पुलिसकर्मियों को देखने के लिए पश्चिम त्रिपुरा के पुलिस अधीक्षक केवी श्रीजेश अस्पताल गए।

 

 गौरतलब है कि बीते मंगलवार को त्रिपुरा की राजधानी अगरतला के अल्पसंख्यक बहुल इलाके राजनगर में माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प में 13 लोग घायल हो गए थे। सूत्रों के मुताबिक रामनगर निर्वाचन क्षेत्र के अल्पसंख्यक बहुल राजनगर क्षेत्र में माकपा और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई थी, जिसमें 13 लोग घायल हो गए। इसके बाद दोनों राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी हैं। माकपा विधायक रतन दास ने आरोप लगाया कि घर-घर जाकर वोट मांगने के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया। इस हमले में तीन अन्य कार्यकर्ता घायल हो गये।

 


 

 उन्होंने बताया था कि हमलावरों ने उन पर भी हमला किया, लेकिन वह में बचने में सफल रहे। उन्होंने बताया कि कुछ बाहरी अराजक तत्व चुनाव को देखते हुए इलाके में डर फैला रहे है। उन्होंने कहा कि हम चुनाव आयोग से सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की मांग रहे हैं। शांति व्यवस्था खराब करने वाली गतिविधियों पर रोक लगे। बाहरी लोगों की वजह से चुनाव पर कोई असर न हो जो अभी के समय में हो रहा है। उधर, भाजपा उम्मीदवार और पूर्व मंत्री सुरजीत दत्ता ने आरोप लगाया था कि विधायक रतन दास के समर्थकों ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर धावा बोल दिया। उन्होंने बताया कि हमले में 10 भाजपा कार्यकर्ता घायल हुए। हमला पूर्वनियोजित था, जिससे इलाके में भय का माहौल बने। भाजपा की महिला मोर्चा की प्रमुख पापिया दत्ता ने आरोप लगाया कि हमला पुलिस की मौजूदगी में हुआ। पुलिस मूक दर्शक बन कर देखती रही।