पूना गोगोई मामला, गुवाहाटी हाई कोर्ट ने कहा एक लाख मुआवजा दे सेना

Daily news network Posted: 2018-04-10 12:22:39 IST Updated: 2018-04-10 12:22:39 IST
पूना गोगोई मामला,  गुवाहाटी हाई कोर्ट ने कहा एक लाख मुआवजा दे सेना
  • गुवाहाटी हाई कोर्ट ने जोरहाट के रौरेया निवासी सुरजीत गोगोई उर्फ पूना गोगोई की रिट याचिका पर फैसला सुनाते हुए के सरकार व सेना की दिमापुर स्थित 3 कोर को उन्हें एक लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया हैं।

जोरहाट

गुवाहाटी हाई कोर्ट ने जोरहाट के रौरेया  निवासी सुरजीत गोगोई उर्फ पूना गोगोई की रिट याचिका पर फैसला सुनाते हुए के सरकार व सेना की दिमापुर स्थित 3 कोर को उन्हें एक लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया हैं। हाई कोर्ट के न्यायाधीश नेल्सन साइलो व उज्जवल भुयां की खंडपीठ ने फैसला सुनाते हुए सेना के ऑपरेशन के तौर-तरीकों पर सरकार को पुनर्विचार करने का आदेश दिया।  





मालूम हो की सेना की डिमापुर स्थित कोर के खुफिया विभाग को कप्तान रुबीना कौर कीर के नेतृत्व में सेना के 15 सदस्यीय एक दल 21 दिसंबर 2011 को गोगोई के मकान का दरवाजा तोड़ कर अंदर घुस गया था । उस वक्त गोगोई मकान में मौजूद नहीं थे। 

 




आरोप लगा था कि नकाबपोश सेना का दल गोगोई के पारिवारिक सदस्यों को बंधक बना कर लैपटाप, मोबाइल, सोने के आभूषण, लाइसेंसी पिस्तौल व डेढ़ लाख रुपए आदि लूटकर चंपत हो गया। यह वारदात मीडिया की सुर्खियां बनी। इसके बाद गोगोई की शिकायत पर जोरहाट पुलिस ने भारतीय दंड़ संहिता की धारा 395, 397 के तहत एक मामला ( 922 / 11) दर्ज किया था ।






आज यहा प्रेस क्लव में आयोजित पत्रकार सम्मलेन में गोगोई के अधिवक्ता सुदिप्त नयन गोस्वामी ने कहा कि इस मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने एक लाख रुपए बतौर मुआवजा देने का आदेश दिया है।

 





उन्होंने कहा कि अदालत ने छह हफ्ते के भीतर इस रकम का भुगतान याचिकाकर्ता गोगोई को करने का आदेश दिया है गोस्वामी ने कहा कि नकदी व सोने के आभूषण के लिए चार माह के अंदर जोरहाट अदालत में याचिका दायर करने का निर्देश दिया है उधर गोगोई ने कहा कि इस पुरे मामले की सीबीआई जांच कराने के लिए उनकी तरफ से सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा दायर किया गया है। मालूम हो कि सेना की इस करतूत का खुलासा उस वक्त हुआ जब हवलदार संदीप थापा गोगोई के घर से उडाए गए मोबाइल से बात करते हुए पकड़ा  गया था ।

 






जोरहाट पुलिस ने इस मोबाइल नंबर को हैक कर पुरे मामले का पर्दाफाश किया था । इस मामले के चलते सेना की साख पर बट्टा लगा था । जोरहाट पुलिस की तत्परता व मामले को तूल पकड़ते देख सेना ने दो मोबाइल, हार्ड डिस्क, म्यूजिक प्लेयर, चेक बुक, लाइसेंसी पिस्तौल आदि गोगोई को लौटा दिया था, मगर नकदी व सोने के आभूषण  नहीं लौटाए। इस पुरे मामले की जांच करते हुए सेना ने हवलदार थापा को  बर्खास्त कर दिया तथा कैप्टन कौर, हवलदार भूपेन हाथीमोटा, सिपाही जीवन नओग का कोर्ट मार्शल तथा हवलदार बलबीर सिंह व गगन विबिहारी साहू के खिलाफ विभागीय करवाई की थी ।






गोगोई ने कहा की इस मामले में अब तक उन्हें उचित न्याय नहीं मिला है मामले की गहराई से जांच पड़ताल करने व इसका पर्दाफाश करने के लिए उनकी पत्नी रेणु गोगोई ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट मे अर्जी  दाखिल की है।