असम विधानसभा में खुलासा, 8 विधायकों आैर सांसदों पर भ्रष्टाचार का केस

Daily news network Posted: 2018-04-03 14:58:58 IST Updated: 2018-04-03 15:00:17 IST
असम विधानसभा में खुलासा,  8 विधायकों आैर सांसदों पर भ्रष्टाचार का केस
  • असम विधानसभा में एक चौकानें वाला खुलासा हुआ है। पिछले 10 सालों में 38 मंत्रियों, सांसदों, विधायकों आैर वरिष्ठ सरकारी अधिकारियाें के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले दर्ज है

गुवाहाटी।

असम विधानसभा में एक चौकानें वाला खुलासा हुआ है। पिछले 10 सालों में 38 मंत्रियों, सांसदों, विधायकों आैर वरिष्ठ सरकारी अधिकारियाें के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले दर्ज है आैर कर्इ मामलों की जांच जारी है। इनमें से आठ कांग्रेसी सांसद आैर विधायक हैं। इतना ही नहीं इन राजनेताआें अौर अधिकारियों के खिलाफ 19 मामले सीआर्इडी के दर्ज हैं।

 

 

सदन में विपक्ष के नेता देवब्रत सैकिया के आेर से पूछे गए प्रश्न के लिखित जवाब में संसदीय मामलों के मंत्री चंद्रमोहन पटवारी ने इन बातों को खुलासा किया। पटवारी के इस खुलासे के बाद सत्ता पक्ष आैर विपक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौरा शुरू हो गया।


 पटवारी ने बताया कि कांग्रेस के एक नहीं बल्कि कर्इ एेसे मंत्री हैं जो भ्रष्टाचार के दलदल में फंसे है। जिन राजनेताआें के खिलाफ केस दर्ज है उनमें पूर्व वन मंत्री रकीबुल हुसैन, विधायक शेरमान अली, पूर्व मंत्री अतुवा मुंडा, सांसद रानी नरह आैर दिसपुर विधायक एकाॅन बोरा शामिल है। जिनमें से रकीबुल हुसैन पर मर्इ 2017 में पी एंड आरडी डिपार्टमेंट में अपनी पाॅवर का गलत इस्तेमाल करके सरकारी संंपत्ति का गबन का केस दर्ज है।

 

 


इसके साथ ही पिछले महीने हुसैन के खिलाफ पैसों के गबन का केस भी दर्ज किया गया। रकीबलु हुसैन के अलावा पूर्व कांग्रेस मंत्री अतवा मुंडा पर भी पी एंड आरडी डिपर्टमेंट में अपनी अधिकारिक शक्तियों के गलत इस्तेमाल आैर सरकारी संंपत्ति गबन का केस दर्ज है।


 

इन्हीं पर नहीं बल्कि कटिगोरह के पूर्व विधायक अतौर रहमान, हैलाकांडी के विधायक अब्दुल मोहिब मजूमदार आैर केएएसी के पूर्व सीर्इएम जात्सन के खिलाफ भी एेसे मामले दर्ज है। इसके अलावा लखीमपुर लाेकसभा की पूर्व सांसद आैर केंद्रीय मंत्री रानी नरह पर सरकारी संपत्ति के दुरूपयोग करने का आराेप हैं

 


 आपको बता दें कि न केवल राजनेता बल्कि एेसे कर्इ सरकार आॅफिसर भी है जिन पर एेसे कर्इ मामले दर्ज है। इनमें वन विभाग के शीर्ष अधिकारियों के नाम है। जिनमें सेवानिवृत्त एपीसीसीएफ डी माथुर, पीसीसीएफ और एचओएफएफ वी के विश्नोई, पीसीसीएफ अभिजीत राभा और कई अन्य शामिल हैं।