प्रदर्शनकारी महिलाओं पर पुलिस ने बरसाई लाठियां, छह महिलाएं घायल

Daily news network Posted: 2019-02-12 13:04:52 IST Updated: 2019-02-13 10:37:50 IST
प्रदर्शनकारी महिलाओं पर पुलिस ने बरसाई लाठियां,  छह महिलाएं घायल
  • बाजार स्थित विक्रेता संघ ने यह जानकारी दी है कि नागरिकता विधेयक को तत्काल वापस लिए जाने की मांग को लेकर शहर में सड़क को अवरुद्ध कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने यहां बाजार में आंसू गैस छोड़ी और धुएं के बम दागे। इसी बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई भिड़ंत में छह महिला प

इंफाल

बाजार स्थित विक्रेता संघ ने यह जानकारी दी है कि नागरिकता विधेयक को तत्काल वापस लिए जाने की मांग को लेकर शहर में सड़क को अवरुद्ध कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने यहां बाजार में आंसू गैस छोड़ी और धुएं के बम दागे। इसी बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई भिड़ंत में छह महिला प्रदर्शनकारी घायल हो गईं। हालांकि इस घटना की अधिकारियों ने पुष्टि नहीं की है। ख्वायरमबंद बाजार महिला संघ की अध्यक्ष शांतिदेवी ने कहा कि पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए बल प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि महिला विक्रेताओं ने अपनी मांगों पर जोर देने के लिए बाजार में बैनर और टैंट लगाने के साथ-साथ सड़क को अवरुद्ध किया।

 


इस विवादास्पद बिल के विरोध में आंदोलन के मद्देनजर इलाके में अपराध संहिता की धारा 144 लागू की गई है। शांतिदेवी ने कहा कि पुलिस ने टैंटों को उखाड़ने तथा बैनरों को नष्ट करने की कोशिश की जिसके जरिए बिना किसी शर्त के विधेयक को वापस लेने की मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने एेसा करने से रोका जिसके बाद दोनों पक्षों मे झड़प हो गई। शांतिदेवी ने दावा किया कि पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और धुंआ बमों का इस्तेमाल किया। इससे छह महिलाएं घायल हो गई। स्थिति तब और खराब हो गई जब उन्होंने एक घायल महिला को हिरासत में लेने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि बाद में घायल महिला को क्षेत्रीय आयुर्वेदिक संस्थान में भर्ती कराया गया। मणिपुर पीपुल्स अगेंस्ट सिटिजनशिप अमेंडमेंट बिल के संयोजक वाई दिलीप कुमार ने बल प्रयोग की निंदा करते हुए कहा कि स्पष्ट है कि राज्य सरकार केंद्र के निर्देशों पर काम कर रही है।