अबकी बार Plastic पर प्रहार, पीएम मोदी के सपनों को पूरा कर रहा है ये राज्य

Daily news network Posted: 2019-08-27 10:56:25 IST Updated: 2019-08-27 17:38:38 IST
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात 'मन की बात' कार्यक्रम में कई अलग तरह के विषयों पर बात की। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को याद करने के साथ ही साथ स्वच्छता अभियान, फिट इंडिया समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी, लेकिन सबसे अहम मुद्दा था...

गंगटोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात 'मन की बात' कार्यक्रम में कई अलग तरह के विषयों पर बात की। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को याद करने के साथ ही साथ स्वच्छता अभियान, फिट इंडिया समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी, लेकिन सबसे अहम मुद्दा था प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण को दूर करना।


 प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार 2 अक्टूबर को जब बापू की 150वीं जयंती मनाई जाएगी तो वे इस मौके पर पूरे देश में प्लास्टिक के खिलाफ एक नए जन-आंदोलन की नींव रखेंगे।

 


प्रधानमंत्री के इस भाषण को ध्यान में रखते हुए हम आपको बता दें कि देश और दुनिया में प्लास्टिक के प्रदूषण को कम करने के नए-नए इनोवेशन किए जा रहे हैं। कहीं घर रोशन हो रहे हैं तो कहीं सड़कें बन रही हैं। यही इनोवेशन प्रधानमंत्री के सपनों को पूरा करेंगे।



इसको ध्यान में रखते हुए हम आपको बता दें कि देश के उत्तर-पूर्व में स्थित सिक्किम में सिंगल यूज प्लास्टिक पर 100 फीसदी प्रतिबंध है। इतना ही नहीं इस पर सफलता हासिल करने के बाद अब वहां प्लास्टिक की पेट बॉटल और फोम वाले फूड कंटेनर पर भी प्रतिबंध लग गया है। 1998 में शुरू हुई प्लास्टिक को बैन करने की मुहिम को पूरी सफलता 2016 में मिली। सबसे अच्छा उदाहरण पेश किया कंचनजंगा नेशनल पार्क में स्थित युकसोम गांव ने।


आपको बता दें कि वर्ष 1997 तक नेशनल पार्क में भयानक प्लास्टिक कचरा जमा हो गया था। जिसको देखते हुए गांव के लोगों ने कंचनजंगा कंजरवेशन कमेटी बनाई। कमेटी अब हर साल 800 किलो कचरा जमा करती है। जिसके बाद उसे रिसाइक्लिंग के लिए बाहर भेज दिया जाता है।

 


अब सिक्किम में सिंगल यूज प्लास्टिक पूरी तरह से बैन है। यहां के दुकानदार आपको कागज या कपड़े के थैले में समान देंगे। यही नहीं आप प्लास्टिक का उपयोग करते दिखे तो भारी जुर्माना देना पड़ सकता है। सिक्किम सिर्फ प्लास्टिक पर प्रतिबंध के मामले में ही अव्वल नहीं है, बल्कि, सफाई के मामले में भी देश का सर्वोच्च राज्य है।