16 मार्च को PM मोदी करेंगे मणिपुर का दौरा, कई कार्यक्रमों में होंगे उपस्थित

Daily news network Posted: 2018-03-13 21:28:01 IST Updated: 2018-03-13 21:36:04 IST
16 मार्च को PM मोदी करेंगे मणिपुर का दौरा, कई कार्यक्रमों में होंगे उपस्थित
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 मार्च को मणिपुर का दौरा करेंगे। यहां वे कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। वे मणिपुर विश्वविद्यालय में 105 वें भारतीय विज्ञान सम्मेलन( इंडियन साइंस कांग्रेस) का उद्घाटन करेंगे।

इंफाल।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 मार्च को मणिपुर का दौरा करेंगे। यहां वे कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। वे मणिपुर विश्वविद्यालय में 105 वें भारतीय विज्ञान सम्मेलन( इंडियन साइंस कांग्रेस) का उद्घाटन करेंगे।


 इसके अलावा उनका लुवांगशांगबाम स्थित लुवांगपोकपा मल्टी स्पोटर्स कॉम्पलेक्स और इंफाल पश्चिमी जिले में मैरी कॉम बॉक्सिंग एकेडमी में विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास करने का भी प्रधानमंत्री का कार्यक्रम है।


 मणिपुर विश्वविद्यालय के कुलपति( वीसी) प्रो. आद्य प्रसाद पांडे ने संवाददाताओं को बताया कि राज्य में साइंस कांग्रेस का आयोजन पहली बार होगा और इसमें देश विदेश के वैज्ञानिक, विद्वान और कॉरपोरेट अधिकारियों सहित करीब 5,000 प्रतिनिधि शरीक होंगे।

 


 उन्होंने बताया कि नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रो. मोहम्मद यूनूस, प्रो हीरोशी अमानो और दलाई लामा भी कार्यक्रम में शरीक होंगे।


 पीएम मोदी की यात्रा के मद्देनजर समूचे मणिपुर में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पिछले आठ दिनों से विभिन्न स्थानों पर रोजाना आधार पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा केंद्रीय एवं राज्य बलों की मदद से चौबीसों घंटे सतर्कता बरती जा रही है।


 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के मौके पर वैज्ञानिकों को बधाई दी थी और विज्ञान प्रेमियों का भी अभिवादन किया था। मोदी ने जारी किए अपने संदेश में कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की बधाई मैं सभी विज्ञान प्रेमियों का अभिवादन करता हूं और उनकी बढ़ती वैज्ञानिक उत्सुकता के लिए उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। भारत को अपने वैज्ञानिकों पर बहुत गर्व है।



बता दें कि रविवार को अपने मासिक रेडियो संबोधन मन की बात में भी राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा था कि सच की तह तक जाने के लिए सवाल पूछते रहने की जिज्ञासा होना बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा, तब तक चैन की सांस न लें जब तक सभी क्यों, क्या और कैसे के जवाब न हासिल कर लें।