विस्थापन के डर के साए में जी रहे हैं इस गांव के लोग

Daily news network Posted: 2018-02-13 13:32:56 IST Updated: 2018-02-13 13:44:03 IST
विस्थापन के डर के साए में जी रहे हैं इस गांव के लोग
  • रोम्पु फाॅरेस्ट गांव के लोग कर्इ तरह की समस्याओं से जुझ रहे हैं। ये गांव बंगाल आैर सिक्किम बार्डर का आखिरी गांव है।

गंगटोक।

रोम्पु फाॅरेस्ट गांव के लोग कर्इ तरह की समस्याओं से जुझ रहे हैं। ये गांव बंगाल आैर सिक्किम बार्डर का आखिरी गांव है। तीस्ता नदी के इस पार बंगाल को रोम्पु तो उस पार सिक्किम का रोम्पु है। एक आेर जहां सिक्किम के रोम्पु में विकास की लहर चलती है तो वहीं बंगाल के रोम्पु के लोग विकास से अभी कोसों दूर हैं।

 

बता दें कि नेशनल हार्इवे-10 के अंतर्गत जंगल की जमीन पर करीब 600 परिवार बसा है जबकि वहां 1200 के करीब वोटर हैं। चुनाव में जीते प्रतिनिधी आज तक इस गांव में न तो विकास कर पाए हैं आैर न ही इस गांव की समस्याआें काे दूर कर पाएं हैं।

 

 

  

 क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर स्थानीय साई मंदिर परिसर में अरुण भगत की अध्यक्षता एक सभा हुई। सभा में मुख्य रुप से क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या पर्चापट्टा, पेयजल समस्या, शौचालय को लेकर चर्चा की गयी।तो वहीं सिक्किम की तरफ से बंगाल को जोड़ने वाले एक पुल के कारण विस्थापन के कगार पर पहुंचे 57 परिवारों की समस्या पर भी चर्चा हुई।


 

 सबसे बड़ी बात तो यह है कि अगर राजमार्ग का विस्तार किया जाता है तो गांववालों पर विस्थापन का खतरा होता है आैर दूसरी तरफ तीस्ता के किनारे बसे गांव पर बाढ़ का भी खतरा रहता है। तीस्ता नदी के सिक्किम के हिस्से में सुरक्षा दीवार है लेकिन बंगाल की तरफ यह दीवार नहीं है।

 


यहां की एक सबसे मुख्य समस्या पीने के पानी की है। यहां के लोग मोटर के सहारे कुंए से पानी खींच कर काम चलाते हैं। लेकिन बिजली नहीं रहने पर वह भी संभव नहीं। वहीं सिक्किम की तरफ एनएचडीसीअल बन रहे एक ओवरब्रिज के नीचे करीब 57 परिवारों के विस्थापन का भय पैदा हो गया है।

 


 

 आज की सभा में विस्थापित होने पर उनके लिये मुआवजे की मांग को लेकर कदम उठाने का निर्णय लिया गया। गौरतलब है कि इस मुद्दे पर स्थानीय मोर्चा इकाई ने जीटीए प्रमुख विनय तामांग से बीते 9 फरवरी को भेंट की थी। विनय तमांग ने रोम्पु में आकर उसका निरीक्षण करने का आश्वासन दिया है। इस संबंध में सीएम तक जानकारी पहुंची है। उन्होंने इस मसले को पार्टी के जिला और शीर्ष स्तर तक ले जाने का भरोसा दिया है।