पहले 62 साल तक ही जीते थे, चामलिंग के राज में 72 साल जीने लगे लोग!

Daily news network Posted: 2018-04-06 15:18:34 IST Updated: 2018-04-06 15:18:34 IST
पहले 62 साल तक ही जीते थे, चामलिंग के राज में 72 साल जीने लगे लोग!
  • सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग ने दावा किया है कि उनके राज में लोगों की औसत उम्र 62 साल से बढ़कर 72 साल हो गई है।

गंगटोक

सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग ने दावा किया है कि उनके राज में लोगों की औसत उम्र 62 साल से बढ़कर 72 साल हो गई है। सोमवार को चामलिंग का 32 दिन का राज्यव्यापी दौरा शुरु हो गया। 32 दिवसीय दौरे के दौरान चामलिंग प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में जाएंगे और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले लोगों की नब्ज को टटोलेंगे।




उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत नॉर्थ सिक्किम के काबी से की। इस दौरान उन्होंने लिंगचोम कम्यूनिटी सेंटर और फेनसांग सांगचोलिंग मठ में दो जनसभाओं को संबोधिथ किया। मुख्यमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वह लोगों से मिलने, उनकी समस्याओं को जानने और शिकायतों को एड्रेस करने के लिए राज्य के दौरे पर हैं। चामलिंग ने कहा कि उनकी सरकार के तहत बहुत तेजी से लोगों की क्वालिटी ऑफ लाइफ में सुधार हुआ है। आज राज्य सबसे प्रगतिशील, स्वच्छ व एनवायरमेंटली फ्रेंडली स्टेट के रूप में उभरा है। उनके कार्यकाल के तहत सिक्किम के लोगों का जीवन काल 62 साल से बढ़कर 72 साल हो गया है। 



आज करीब 100 फीसदी लोग पक्के मकानों में रह रहे हैं और राज्य में अत्यंत गरीबी नहीं है। राज्य में हिंसा और उग्रवाद का कोई रिकॉर्ड नहीं है। सिक्किम देश का सबसे शांतिपूर्ण राज्य है। राज्य के जैविक मिशन को पूरी दुनिया में पहचान मिली है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और विदेशों में कई मौकों पर इसका जिक्र किया है। राज्य के बाहर से आने वाली अजैविक सब्जियों पर प्रतिबंध 1 अप्रेल से शुरू हो गया है। यह कदम किसानों के हित में उठाया गया है। अब वक्त आ गया है कि हर कोई अवसर का लाभ उठाएं और युवाओं को सिक्किम के ऑर्गेनिक ब्रांड को क्रिएट करने के लिए सराहें। मुख्यमंत्री चामलिंग ने कहा, 1994 में हमारी सरकार ने कार्यभार संभाला। 




इसके बाद राज्य में लोकतांत्रिक मूल्यों के सच्चे संस्थान की स्थापना हुई। उनकी सरकार के लोकतांत्रिक आंदोलन के कारण लोगों को सच्चे अर्थों में अधिकार मिले और आज वे सिक्किम के राजा और रानियां हैं। चामलिंग ने कहा कि उनकी सरकार के तहत अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री सरकारी कर्मचारियों के लिए पांचवे वेतन आयोग को लागू करने की घोषणा की। चामलिंग ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को अप्रेल से लाभ मिलने लगेगा। चामलिंग ने आशा वर्कर्स के लिए मानदेय में 3 हजार रुपए की बढ़ोतरी की घोषणा की। अभी तक आशा वर्कर्स को 3000 रुपए मानदेय मिलता था, अब 6 हजार रुपए मानदेय के रूप में मिलेंगे।




उन सभी एमआर कर्मचारियों को रेगुलराइज किया जाएगा जिनकी सर्विस 5 साल से ज्यादा हो गई है। इसी तरह जिन होम गार्डों की सर्विस 15 साल से ज्यादा हो गई उन्हें भी रेगुलराइज किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने राज्य के बाहर इलाज कराने वाले सभी बीपीएल परिवारों के लिए 25 हजार रुपए का परिवहन भत्ता दिया जाएगा। आपको बता दें कि राज्य के बाहर के अस्पतालों में रेफर किए जाने वाले सभी बीपीएल परिवारों का फ्री में इलाज होता है। मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटना में मारे गए ड्राइवरों के लिए 4 लाख रुपए के मुआवजे की भी घोषणा की।