असम राइफल्स की शक्तियां बढ़ाने पर भड़का विपक्ष, सदन में किया ऐसा काम

Daily news network Posted: 2019-02-23 10:44:24 IST Updated: 2019-02-23 10:44:24 IST
असम राइफल्स की शक्तियां बढ़ाने पर भड़का विपक्ष, सदन में किया ऐसा काम

गुवाहाटी

असम विधानसभा में कांग्रेस और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रैटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) ने असम राइफल्स को विशेष शक्तियां दिए जाने के मसले पर चर्चा के लिए दिया गया अपना स्थगन प्रस्ताव खारिज होने के बाद सदन से वॉकआउट किया। कांग्रेस के नेता का दावा है कि एक रिपोर्ट के मुताबिक, असम राइफल्स के 100 में से 37 मामलों में मानवाधिकार का उल्लंघन हुआ है। राज्य सरकार ने इस मसले पर अन्य माध्यमों से चर्चा कराने की इच्छा जताई लेकिन कांग्रेस, एआईयूडीएफ और असम गण परिषद अपनी मांग पर अड़े रहे कि इस मामले पर सिर्फ स्थगन प्रस्ताव के जरिए ही चर्चा हो। कांग्रेस, एआईयूडीएफ और असम गण परिषद की ओर से तीन अलग-अलग स्थगन प्रस्ताव पेश किए गए। 


 

इन दलों का मानना है कि असम राइफल्स को विशेष अधिकार देने वाली अधिसूचना से मानव अधिकारों का उल्लंघन होगा और सैन्य शासन आ जाएगा। दरअसल, गृह मंत्रालय ने गुरुवार को एक अधिसूचना जारी कर असम राइफल्स को किसी को भी गिरफ्तार करने और असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, नगालैंड और मिजोरम में बिना किसी वॉरंट के तलाशी लेने का अधिकार दिया था। 

 


कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि जब राज्य की बीजेपी सरकार कह रही है कि पूर्वोत्तर में शांति है तो फिर यह अधिसूचना क्यों जारी की गई। उन्होंने कहा, 'एक रिपोर्ट बताती है कि असम राइफल्स के 100 में से 37 मामलों में मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। इससे कनिष्ठ अधिकारी को भी बिना वॉरंट के किसी को गिरफ्तार करने की शक्ति मिलती है। इससे मानवाधिकार का पूरी तरह उल्लंघन होगा।'