10 साल में देश में बन पाए मात्र इतने फूड पार्क, वजह हैरान करने वाली

Daily news network Posted: 2019-08-22 08:52:08 IST Updated: 2019-08-22 16:47:50 IST
10 साल में देश में बन पाए मात्र इतने फूड पार्क, वजह हैरान करने वाली
  • देश में 10 साल पहले शुरू की गई मेगा फूड पार्क परियोजनाओं की रफ्तार बेहद सुस्‍त है। यह योजना जल्‍द खराब होने वाले खाद्य पदार्थों की बर्बादी में कमी लाने एवं उनका मूल्‍यवर्द्धन करने के लिए शुरू की गई थी।

नई दिल्ली/अगरतला।

देश में 10 साल पहले शुरू की गई मेगा फूड पार्क परियोजनाओं की रफ्तार बेहद सुस्‍त है। यह योजना जल्‍द खराब होने वाले खाद्य पदार्थों की बर्बादी में कमी लाने एवं उनका मूल्‍यवर्द्धन करने के लिए शुरू की गई थी। प्रस्तावित 42 मेगा फूड पार्कों में से अभी तक केवल 4 फूड पार्क ही पूरी तरह से तैयार हुए है, जबकि 12 मेगा फूड पार्को में ऑपरेशनल कार्य तो शुरू हो चुका है लेकिन ये अभी तक पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाए हैं।


 खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देशभर में फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 42 मेगा फूड पार्क को मंजूरी दी हुई है जिसमें से 16 फूड पार्को में काम तो चालू हो गया है लेकिन इनमें से केवल चार मेगा फूड पार्क ही तैयार हुए हैं। उन्होंने बताया कि जो पूरी तरह से तैयार हो चुके हैं, उनमें से एक फूड पार्क उत्तराखंड में पंतजलि फूड एवं हर्बल पार्क प्रा. लिमिटेड है, दूसरा मध्य प्रदेश में इंडस मेगा फूड पार्क प्रा. लिमिटेड है। इसके अलावा एक कर्नाटक में और एक आंध्रप्रदेश में है।

 


 उन्होंने बताया कि जो 12 मेगा फूड पार्को में ऑपरेशनल कार्य शुरू हुआ है, उनमें एक पश्चिम बंगाल में, एक उत्तराखंड में, एक त्रिपुरा में, एक राजस्थान में, एक पंजाब में, एक ओडिशा में, दो महाराष्ट्र में, एक हिमाचल प्रदेश में, एक गुजरात में, एक असम में और एक आंध्रप्रदेश में है। उन्होंने बताया कि करीब तीन से चार मेगा फूड पार्को में ऑपरेशनल कार्य चालू साल के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। यूपीए सरकार ने वर्ष 2008-2009 में देशभर में 42 मेगा फूड पार्क शुरू करने की घोषणा की थी।

 


 ये हैं वजहें

 सूत्रों के अनुसार मेगा फूड पार्क की स्‍थापना के पीछे सबसे बड़ा रोड़ा जमीन की अनिवार्यता और लागत अधिक होना था। यूपीए सरकार के समय एक फूड पार्क के लिए 50 एकड़ जमीन की अनिवायर्ता थी, जिसे एनडीए सरकार ने घटाकर 25 एकड़ कर दिया। साथ ही निजी कंपनियों के साथ ही राज्य सरकारों को भी इसमें शामिल किया गया। उसके बाद से इनके निर्माण में सुधार हुआ है। वर्ष 2008 से वर्ष 2014 तक केवल 2 मेगा फूड पार्क ही चालू हुए थे जबकि इस समय 4 पूरी तरह से तैयार हो चुके है और 12 में ऑपरेशनल कार्य शुरू हो चुका है। चालू साल के अंत तक करीब 3 से 4 चार और मेगा फूड पार्को में ऑपरेशनल कार्य शुरू हो जायेगा।


 केंद्र सरकार दे रही है वित्तीय सहायता

 मेगा फूड पार्को से जहां किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने में मदद मिलेगी, वहीं जल्द खराब होने वाले खाद्य पदार्थों की बर्बादी में भी कमी आयेगी। कृषि उपज का मूल्यवर्धन होगा, साथ ही इनसे ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। देश में कुल खाद्य उत्पादों का सिर्फ 2 पर्सेंट ही प्रोसेस्ड हो पाता है। अत: इसमें सबसे अहम रोल मेगा फूड पार्को का होगा। मेगा फूड पार्क की स्‍थापना के लिए केंद्र सरकार की तरफ से 50 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। खेत से लेकर बाजार तक की मूल्‍य श्रृंखला में खाद्य प्रसंस्‍करण हेतु आधुनिक बुनियादी ढांचागत सुविधाओं के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।