असम NRC से बिहारियों का भी हुआ हाल बेहाल, करीब 74 हजार लोगों का नाम गायब

Daily news network Posted: 2018-08-10 10:06:46 IST Updated: 2018-08-10 10:06:46 IST
असम NRC से बिहारियों का भी हुआ हाल बेहाल, करीब 74 हजार लोगों का नाम गायब

असम में जारी हुए एनआरसी से 40 लाख लोगों का नाम गायब है। हालांकि इस लोगों के एक बार फिर से अपनी नागरिकता साबित करने का मौका दिया जाएगा। वहीं इन 40 लाख लोगों में बिहार से करीब 74 हजार ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो कि सालों पहले रोजी-रोटी के लिए असम में बस गए थे। असम सरकार ने कई महीने पहले बिहार सरकार को इन लोगों की नागरिकता प्रमाणित कर रिपोर्ट भेजने का आग्रह किया था।



 

असम सरकार ने जिन 74 हजार आवेदकों की सूची भेजी है, उसमें सर्वाधिक आठ हजार सारण और फिर उसके बाद करीब साढ़े पांच हजार लोग पूर्वी चंपारण के हैं। पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, वैशाली और आरा के भी हजारों आवेदक हैं। जिन लोगों ने अपने आवेदन के साथ हाई स्कूल की परीक्षा पास करने के सर्टिफिकेट लगाए हैं, ऐसे चार हजार से अधिक आवेदनों को प्रमाणित करने की जिम्मेदारी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को भेजी गई है।

 



सूत्रों के मुताबिक बिहार के किसी जिले से अभी तक नागरिकता को प्रमाणित कर असम सरकार को नहीं भेजा है। ऐसे में वहां से हजारों लोगों के फोन उनके परिजनों और सरकार के आला अफसरों के पास आने शुरू हो गए हैं।बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर असम सरकार मार्च 1971 के बाद असम में आकर बसे बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान के लिए राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर तैयार कर रही है। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से वहां जाकर रह रहे लोगों की नागरिकता प्रमाणित करने के लिए संबंधित राज्यों को सूची भेजी है। कई राज्यों ने यह सूची प्रमाणित करके भेज भी दी है, लेकिन बिहार के जिलाधिकारियों ने अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।

 




बताया जाता है कि असम से आई बिहारी लोगों की सूची को जमीन- जायदाद के दस्तावेजों की आवश्यकता होगी इसलिए सरकार ने यह जिम्मेदारी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को दी है। विभाग ने नागरिकता से जुड़े आवेदन विभिन्न जिलों और संबंधित संस्थाओं को भेज दिए हैं, लेकिन अभी तक कही से भी नागरिकता प्रमाणित कर रिपोर्ट नहीं भेजी गई है। इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री राम नारायण मंडल ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सात अगस्त को समीक्षा के लिए बैठक बुलाई थी। समीक्षा के बाद प्रधान सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द आवेदकों की नागरिकता प्रमाणित कर सरकार उपलब्ध कराएं।