कांग्रेसी विधायक को लेकर एनपीपी में 'दरार', कई नेता छोड़ेंगे साथ

Daily news network Posted: 2018-07-11 13:37:47 IST Updated: 2018-07-11 13:38:12 IST
कांग्रेसी विधायक को लेकर एनपीपी में 'दरार', कई नेता छोड़ेंगे साथ
  • एक ओर सत्तारुढ़ नेशनल पीपुल्स पाटी ने पूव कांग्रेसी विधायक एमएम डांग्गो को साथ में लेकर चलने का रास्ता अख्तियार किया हैं...

शिलोंग।

एक ओर सत्तारुढ़ नेशनल पीपुल्स पाटी ने पूव कांग्रेसी विधायक एमएम डांग्गो को साथ में लेकर चलने का रास्ता अख्तियार किया हैं तो वहीं दूसरी तरफ पाटी के भीतर इस पर कोहराम भी मचा हुआ हैं। ये इकाई डंग्गो को एनपीपी में न लेने की पक्ष रखा हैं।


आलम हैं कि उनकी बात को तवज्जो न मिलता देख तमाम नेता-कार्यकर्ता अब क्षेत्रीय दल यूडीपी में शामिल होने का मूड बना रहे हैं और यूडीपी नेता व पूव प्रत्याशी पिउसमारवेन का समर्थन किया हैं। रानीकोर एनपीपी का कहना हैं कि किसी भी सूरत में डंग्गों को स्वीकार्य नहीं कर सकती।


बताया गया कि स्थानीय नेताओं का परामर्श लिए बगैर पार्टी नेतृत्व ने इतना बड़ निर्णय ले लिया। अब ब्लॉक समिति को भंग करने के फैसले से वो नाराज हैं।


एनपीपी के प्रदेश अध्यक्ष डब्ल्यू आर खारखुली ने रानीकोर ब्लॉक समिति को भंग कर दिया हैं।

 उन्हें भी इस बात की खुशी हैं कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने रानीकोर को सिविल सब डिवीजन के रूप में अपग्रेड करने का निर्णय लिया हैं।


पाटी से जुड़े नेताओं की उपेक्षा कर कांग्रेसियों को साथ में लेकर ब्लॉक समिति बनाया गया हैं। जिन नेताओं के खिलाफ वे बोलते रहे आज उन्हीं के साथ काम करना पार्टी के लिए नुकसानदेह हैं।


गत 18 जुलाई को यूडीपी में शामिल होने वाले असंतुष्ट एनपीपी नेताओं ने कहा कि केवल मजबूत वोट बैंक के साथ क्षेत्रीय पार्टी पांच बार के विधायक डांग्गो को पराजित कर सकती हैं।


रानीकोर  में यूडीपी युवा विंग और मीडिया सेल के सचिव आर बहुनलांग सगंलेन ने कहा कि निष्ठा में बदलाव इसलिए था, क्योंकि स्थानीय कांगेस नेताओं ने एनपीपी से उन लोगों का सम्मान किया था।


इन्होंने बताया कि एनपीपी रानीकोर ब्लॉक की पुरानी टीम अध्यक्ष सी शांगडीआर और सलाहकार बलदिवस यूडीपी में शामिल नहीं होगें।