अब राहुल नहीं दोहराएंगे मेघालय की गलती, नेताओं को भेजा बेंगलुरु

Daily news network Posted: 2018-05-15 09:23:46 IST Updated: 2018-05-15 09:23:46 IST
अब राहुल नहीं दोहराएंगे मेघालय की गलती, नेताओं को भेजा बेंगलुरु
  • कर्नाटक विधानसभा चुनाव की गिनती शुरू हो चुकी है. शुरुआती रुझानों में कांग्रेस ने बढ़त बना ली है। राहुल गांधी कर्नाटक में उन गलतियों को नहीं दोहराना चाहते , जो उसने मेघालय और गोवा विधानसभा चुनाव बाद की थी. गोवा और मेघालय चुनावों से सबक लेते हुए कांग्रेस ने

कर्नाटक विधानसभा चुनाव

कर्नाटक विधानसभा चुनाव की गिनती शुरू हो चुकी है. शुरुआती रुझानों में कांग्रेस ने बढ़त बना ली है।  राहुल गांधी कर्नाटक में उन गलतियों को नहीं दोहराना चाहते , जो उसने मेघालय और गोवा विधानसभा चुनाव बाद की थी. गोवा और मेघालय चुनावों से सबक लेते हुए कांग्रेस ने प्लान B बना लिया है. इसके तहत कांग्रेस ने कर्नाटक चुनाव नतीजे आने के पहले ही पार्टी के दो सीनियर नेताओं गुलाम नबी आजाद और अशोक गहलोत को बेंगलुरु भेजा है. ताकि, वे सियासी समीकरणों को ठीक से समझ सके। 

 



कर्नाटक में कांग्रेस प्रभारी केसी वेणुगोपाल समेत पांच सचिवों को भी वहां भेजा गया है. एग्जिट पोल में किसी भी पार्टी को बहुमत मिलता नहीं दिख रहा. ऐसे कांग्रेस कोई कोई रिस्क नहीं लेना चाहती. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बहुमत से दूर रहने की स्थिति में कांग्रेस जेडीएस को करीब लाने के लिए कई विकल्पों पर काम कर रही है. दलित सीएम का कार्ड ऐसा ही एक विकल्प है। 

 



राज्यसभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद इसके पहले कर्नाटक के इंचार्ज रह चुके हैं. पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा के साछ उनके अच्छे रिश्ते हैं. इसलिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें कर्नाटक भेजा है, ताकि वो जेडीएस से सियासी गठजोड़ कर सके.

 

 


राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इस बार कर्नाटक की लड़ाई काफी अलग है. एग्जिट पोल में बीजेपी और कांग्रेस में कोई भी बहुमत का आंकड़ा (112) पार नहीं कर पा रहा. जेडीएस को 'किंगमेकर' बताया जा रहा है. यानी जेडीएस जिसका साथ देगी, कर्नाटक में उसी की सरकार बनेगी।