अब पेट्रोल और डीजल कारों पर देना होगा ज्यादा टैक्स, सरकार उठाने जा रही है ये कदम

Daily news network Posted: 2018-07-11 15:38:32 IST Updated: 2018-07-11 15:44:55 IST
अब पेट्रोल और डीजल कारों पर देना होगा ज्यादा टैक्स, सरकार उठाने जा रही  है ये कदम
  • अब आपको पेट्रोल और डीजल से चलने वाली कार पर ज्यादा टैक्स देना पड़ सकता है। सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ये कदम उठाने की तैयारी कर रही है।

नर्इ दिल्ली।

अब आपको पेट्रोल और डीजल से चलने वाली कार पर ज्यादा टैक्स देना पड़ सकता है। सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ये कदम उठाने की तैयारी कर रही है।

 खबराें के मुताबिक इसके लिए सरकार पेट्रोल और डीजल कार पर ज्यादा टैक्स लगाने की योजना बना रही है।

 

वित्त मंत्रालय को लगता है कि इससे सरकार पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों की फेम स्कीम के लिए ज्यादा इंसेंटिव देती है। इस कदम से इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ेगी। इस बारे में वित्त मंत्रालय ने एक्जिक्यूटिव फाइनेंस कमेटी को एक मेमोरेंडम भेजा है। ये मेमोरेंडम फेम स्कीम के दूसरे चरण का हिस्सा है।

 

'सरकार के पास सब्सिडी के लिए नकदी नहीं'

 इंडस्ट्री के जानकारों के मुताबिक इस कदम से लोग पेट्रोल औऱ डीजल कारों की खरीद कम करेंगे। इस खबर पर सियाम और वित्त मंत्रालय ने कोई टिप्पणी नहीं की है। इलेक्ट्रिक कार इंडस्ट्री से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि 'सरकार के पास सब्सिडी देने के लिए नकदी नहीं है। ग्राहक तभी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदेंगे जब उनकी कीमत इंटरनल कंबक्शन इंजन वाहनों जितनी होगी। उनके मुताबिक इलेक्ट्रिक वाहन पर 1 फीसदी टैक्स बढ़ाने से बड़ी मात्रा में पैसा आएगा जिससे 10 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सब्सिडी दी जा सकती है।


इस साल सिंतबर से लागू हो सकती है नर्इ स्कीम

 दूसरी तरफ भारी उद्योग मंत्रालय ने फेम स्कीम को 2022-23 तक चलाने के लिए 9,381 करोड़ रुपए की मांग की है। एक्सपेरियल के फाउंडर अविक चटोपाध्याय के मुताबिक ये कदम इंडस्ट्री को पीछे ले जाना वाला है। उनके मुताबिक वैकल्पिक वाहनों के लिए एक अलग फंड होना चाहिए। इसका भार पारंपरिक वाहन खरीदने वालों पर नहीं होना चाहिए। फेम स्कीम के दूसरे चरण को लागू करने को 3 बार टाला जा चुका है। नई स्कीम इस साल सिंतबर तक आ जाएगी।