Northeast Top-10 News: बीते एक सप्ताह में क्या रहा पूर्वोत्तर का हाल, यहां जानिए

Daily news network Posted: 2019-02-20 20:31:58 IST Updated: 2019-02-20 21:00:29 IST
  • मेघालय के गृहमंत्री जेम्स पीके संगमा ने कहा कि यदि नागरिकता विधेयक फिर से लाया गया तो राज्य की सत्तारूढ़ नेशनल पीपल्स पार्टी एनडीए के साथ अपने सभी संबंध तोड़ लेगी। संगमा ने कहा कि अगर यह विधेयक पारित हुआ तो यह पूर्वोत्तर के मूल लोगों के लिए नुकसानदेह होगा।

मेघालय के गृहमंत्री जेम्स पीके संगमा ने कहा कि यदि नागरिकता विधेयक फिर से लाया गया तो राज्य की सत्तारूढ़ नेशनल पीपल्स पार्टी एनडीए के साथ अपने सभी संबंध तोड़ लेगी। संगमा ने कहा कि अगर यह विधेयक पारित हुआ तो यह पूर्वोत्तर के मूल लोगों के लिए नुकसानदेह होगा।


 

 बता दें कि इससे पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को ही असम में कहा था कि सत्ता में आने पर भारतीय जनता पार्टी फिर से नागरिकता (संशोधन) विधेयक लेकर आएगी।  शाह के बयान के बाद जेम्स पीके संगमा ने कहा कि नेशनल पीपल्स पार्टी ने बहुत स्पष्ट कहा था कि यदि विधेयक पारित हुआ तो बीजेपी के साथ पार्टी के संबंध खत्म कर लिए जाएंगे। हम दोहराना चाहते हैं, यदि विधेयक फिर से लाया गया और पारित किया गया तो हम एनडीए के साथ संबंध तोड़ लेंगे।

 


 सिक्किम के पूर्व पुलिस महानिदेशक अविनाम मोहनाने ने बताया कि भारत में हुए कुछ भीषण हमलों का सरगना रहा मौलाना मसूद अजहर से पूछताछ करना आसान था    और सेना के एक जवान के एक थप्पड़ में     वह औंधे मुंह गिरा था, जिसके बाद उसने अपनी गतिविधियों का ब्यौरा उगल दिया था।

 


 मोहनाने ने 1994 में उसकी गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की थी। अजहर पुर्तगाल के पासपोर्ट पर बांग्लादेश के रास्ते भारत में घुसा था और फिर वह कश्मीर पहुंचा। उसे दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में फरवरी 1994 में गिरफ्तार किया गया था। अधिकारी ने बताया कि हिरासत में खुफिया एजेंसियों को अजहर से पूछताछ करने में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। उसने सेना के एक अधिकारी के एक थप्पड़ के बाद ही बोलना शुरू कर दिया और पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी समूहों के कामकाज के बारे में उसने विस्तार से जानकारी दी।


 त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली सरकार, पूर्ववर्ती वाम मोर्चा सरकार द्वारा शुरू की गई सभी 30 पेंशन योजनाओं को जारी रखेगी। इन योजनाओं से 405,175 लोगों को फायदा पहुंच रहा है। एक मंत्री ने यह जानकारी दी।

 


 इन पेंशन योजनाओं पर हर महीने 26.78 करोड़ रुपये की राशि खर्च हो रही है। इसके तहत 33 प्रकार की सामाजिक पेंशन योजनाएं हैं, जिसमें से तीन केंद्र द्वारा प्रायोजित हैं। राज्य की समाज कल्याण व सामाजिक शिक्षा मंत्री सनताना चकमा ने कहा, कुछ निहित स्वार्थी तत्व प्रचार कर रहे हैं कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा शुरू की गई 30 सामाजिक पेंशन योजनाओं को रोक दिया जाएगा। यह पूरी तरह से गलत है।


 हाईकोर्ट ने मणिपुरी छात्र की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उसने अपनी गिरफ्तारी व ट्रांजिट रिमांड दिये जाने को चुनौती दी थी। छात्र पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है।


 बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ फेसबुक पर पोस्ट लिखने के लिये मणिपुर पुलिस ने उस पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया था। मणिपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर 19 फरवरी तक ट्रांजिट रिमांड ली थी। ज्ञात हो कि न्यायमूर्ति सुनील गौड़ ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ वीवोन थोकचोम की याचिका सोमवार को खारिज कर दी है। थोकचोम ने अपने भाई के जरिए याचिका दायर कर निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। इस याचिका में कहा गया था कि यह फैसला बिना सोचे समझे दिया गया है।


 सिक्किम विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र में सोमवार को शोक प्रस्ताव में मुख्यमंत्री पवन चामलिंग ने शहीद जवानों के परिवारों को तीन-तीन लाख रुपये अनुग्रह राशि के तौर पर देने तथा उनके बच्चों को पढ़ाने की घोषणा की।

 


 इसी कड़ी में देश की सबसे प्रसिद्ध फाउंडेशन में से एक रिलायंस फाउंडेशन ने पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों के बच्चों के परवरिश और उनके पढ़ाई से लेकर नौकरी के साथ-साथ परिजनों के रोजी रोटी तक की पूरी जिम्मेदारी लिया है। साथ ही फाउंडेशन ने यह भी घोषणा किया है कि इस आतंकी हमले में घायल सभी जवानों के हर संभव उपचार के लिए उनका हॉस्पिटल तैयार है।



असम विधानसभा में भाजपा व कांग्रेस के विधायकों ने पाकिस्तान के साथ युद्ध करने का प्रस्ताव पारित करने का अनुरोध किया। भाजपा के विधायक मृणाल सैकिया ने कहा कि पाकिस्तान के साथ एक तरह से गैर आधिकारिक युद्ध चल रहा है।

 


 प्रश्नोत्तरकाल के दौरान भाजपा के विधायक मृणाल सैकिया ने गोलाघाट जिले के एक युवक के गुजरात में काम करने के दौरान पाकिस्तानी सेना द्वारा ले जाये जाने का मामला उठाया। उसी दौरान उन्होंने कहा कि 14 फरवरी के बाद पाकिस्तान के साथ संबंध और खराब हुए हैं। एक तरह से गैर आधिकारिक युद्ध चल रहा है। इसलिए विधानसभा में पाकिस्तान के साथ युद्ध के लिए प्रस्ताव पारित करना चाहिए।


 असम के कांग्रेस नेता रिपुन बोरा ने भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के असम को कश्मीर नहीं बनने देने के बयान पर तीखी आलोचना की है। उन्होंने सवाल किया है कि कश्मीर की ऐसी हालत किसने की है।

 


 उन्होंने कहा कि शाह असम के लोगों को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि शाह ने नागरिकता विधेयक को लेकर बयान दिया था कि असम को कश्मीर नहीं बनने दिया जाएगा। बोरा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, इन लोगों ने बनाया है पाकिस्तान, इन लोगों ने कश्मीर बनाया है। अभी जम्मू-कश्मीर का जो हाल हुआ है, यह किसने किया है? कश्मीर में आतंकवाद की इतनी घटना चल रही है, सरकार कुछ नहीं कर पाई। इन लोगों ने बनाई है जम्मू-कश्मीर की यह हालत। तुम पहले कश्मीर को कंट्रोल करके दिखाओ।


 असम से एआईयूडीएफ विधायक अमिनुल इस्लाम के आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट को लेकर एफआईआर दर्ज हुई है। विधायक ने ये आपत्तिजनक पोस्ट 16 फरवरी को थी, जिसके खिलाफ 17 फरवरी को एफआईआर दर्ज करवाई गई।


 

 विधायक अमिनुल इस्लाम ने फेसबुक पर ऐसी विवादित पोस्ट डाली है जो न केवल आपत्तिजनक है बल्कि निंदनीय है। धिंग से विधायक अमिनुल इस्लाम ने सवाल किया है कि भारत में हर लोकसभा चुनाव से पहले ही कश्मीर में आतंकी हमले क्यों होते हैं। आपको बता दें कि कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतीपुरा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले में 41 जवान शहीद हो गए थे। इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने अमिनुल की कड़ी निंदा की है।


 असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पुलवामा आतंकी हमले की तुलना मुगलों के हमले से की है। उनका कहना है कि कश्मीर की हालिया घटना भारत पर एक इस्लामी आतंकी हमला है। हमारे बहादुर जवान शहीद हुए और मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

 


 असम के लखीमपुर जिले में भारतीय जनता युवा मोर्चा की रैली को संबोधित करते हुए सीएम सोनोवाल ने कहा, हमें आज भी मुगलों के खिलाफ लड़ाई जारी रखनी होगी। मुगलों के हमले अभी खत्म नहीं हुए और कश्मीर की घटना इसका सबूत है। इस रैली में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी मौजूद थे। गौरतलब है कि बीते गुरुवार को जम्मू -कश्मीर के पुलवामा में 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे। पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है।


 बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने असम में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा- हम असम को एक और कश्मीर नहीं बनने देंगे। इसीलिए हम राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर लाए हैं। हम एनआरसी की मदद से हर घुसपैठियों को हटाएंगे, हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं।


 केंद्र में विपक्षी कांग्रेस और उसके पूर्व सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) की आलोचना करते हुए शाह ने कहा कि दोनों दलों ने 1985 में समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद से इतने साल बीत जाने के बाद भी असम समझौते को लागू करने के लिए कुछ नहीं किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, मैं असम के बेटे मनेश्वर बसुमतरी और अन्य सीआरपीएफ कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, क्योंकि केंद्र में यह कांग्रेस की सरकार नहीं है। यह भाजपा है।