'पूर्वोत्तर नीति फोरम' क्षेत्र में समावेशी विकास को गति देगा

Daily news network Posted: 2018-04-09 22:11:37 IST Updated: 2018-04-09 22:11:37 IST
'पूर्वोत्तर नीति फोरम' क्षेत्र में समावेशी विकास को गति देगा
  • पूर्वोत्तर नीति फोरम (एनएफएनई) की पहली बैठक यहां मंगलवार को आयोजित की जाएगी। एक अधिकारी ने सोमवार को यहां कहा कि बैठक से क्षेत्र के समावेशी और सतत आर्थिक विकास को गति मिलेगा।

अगरतला।

पूर्वोत्तर नीति फोरम (एनएफएनई) की पहली बैठक यहां मंगलवार को आयोजित की जाएगी। एक अधिकारी ने सोमवार को यहां कहा कि बैठक से क्षेत्र के समावेशी और सतत आर्थिक विकास को गति मिलेगा।


 नवगठित फोरम की सह अध्यक्षता नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह करेंगे।

 


 त्रिपुरा योजना विभाग के अधिकारी ने कहा, 'एनएफएनई पूर्वोत्तर भारत में समावेशी और सतत आर्थिक विकास को गति देने विभिन्न तरीकों की पहचान करेगा और पहचाने गए अवरोधों को हटाने के लिए उपयुक्त हस्तक्षेप की सिफारिश करेगा। यह सिक्किम समेत आठ राज्यों में शामिल क्षेत्रों के विकास की स्थिति की भी समीक्षा करेगा।'


 मंगलवार को पूरे दिन चलने वाली बैठक में त्रिपुरा, मेघालय, नागालैंड, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री समेत सभी आठ पूर्वोत्तर राज्यों के शीर्ष अधिकारी और कई दूसरे केंद्रीय मंत्री शामिल हो सकते हैं।


 अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद फोरम पिछले महीने गठित किया गया था। यह फोरम उन महत्वपूर्ण मुद्दों की जांच-पड़ताल करेगा, जिन्हें विशेष रूप से हल नहीं किया जा सका है।


 मंत्री जितेंद्र सिंह ने हाल ही में गुवाहाटी में कहा था कि 90 साल पुराने भारतीय वन अधिनियम 1927 में केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले के माध्यम से संशोधन किया गया था। यह कानून ब्रिटिश राज के समय से चला आ रहा था। मंत्रिमंडल की अध्यक्षता प्रधानमंत्री मोदी ने की थी।