ST/SC एक्ट संशोधन विरोधः देशभर में 8 की मौत, असम में कोई खास असर नहीं

Daily news network Posted: 2018-04-02 21:36:30 IST Updated: 2018-04-02 21:37:52 IST
ST/SC एक्ट संशोधन विरोधः देशभर में 8 की मौत, असम में कोई खास असर नहीं
  • देश के कई राज्यों में एसटी/एससी एक्ट में संशोधन के विरोध में बुलाए गए 12 घंटे का भारत बंद के दौरान आगजनी और हिंसा में 8 लोगों की मौत हो गई। जबकि असम कुछ इलाकों में इसका प्रभाव देखने को मिला।

गुवाहाटी।

देश के कई राज्यों में एसटी/एससी एक्ट में संशोधन के विरोध में बुलाए गए 12 घंटे का भारत बंद के दौरान आगजनी और हिंसा में 8 लोगों की मौत हो गई। जबकि असम कुछ इलाकों में इसका प्रभाव देखने को मिला।

 


 कुछ इलाकों में बंद का अच्छा असर है तो कुछ क्षेत्रों में कोई खास असर नहीं है। राजधानी गुवाहाटी में बंद का प्रभाव न के बराबर रहा। राजधानी में दुकानें पूरी तरह से खुली हुई हैं और सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी सामान्य रहीं।


 सोमवार को बंद का सर्वात्मक प्रभाव ऊपरी असम तिनसुकिया, गोलाघाट, जोरहाट समेत अन्य जिलों में दिखाई दिया। जहां लोग प्रर्दशन करते देखे गए। यहां किसी तरह की गंभीर घटना की कोई खबर नहीं है।

 


 ऊपरी असम में पुलिस ने अब तक सात लोगाें को गिरफ्तार किया है। बंद का आह्वान अनुसूचित जाति छात्र संस्था ने किया है। बंद के प्रभाव वाले इलाके में एहतियातन भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। हालांकि कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। बंद सुबह पांच बजे से आरंभ है।


 वहीं पूरे देश की बात करें तो अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में तत्काल गिरफ्तारी का प्रावधान हटाने के फैसले के विरोध में सोमवार को दलित समुदाय से जुड़े संगठनों के 'भारत बंद' के दौरान कई स्थानों पर हुई हिंसक घटनाओं में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए। बंद के दौरान ङ्क्षहसा की घटनाओं में मध्यप्रदेश में पांच, उत्तरप्रदेश में दो और राजस्थान में एक व्यक्ति की मौत हुई है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं और कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

 हिंसक प्रदर्शन, तोड़-फोड़


देशभर में विभिन्न हिस्सों में दलित समाज के कई संगठनों ने फैसले का विरोध करते हुए हिंसक प्रदर्शन में राज्यों में तोड़-फोड़, आगजनी, यातायात जाम करने, रेल पटरियां उखाडऩे तथा पुलिस के साथ झड़पें हुई। कई शहरों में प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पडा। दलितों संगठनों के आह्वान पर आयोजित भारत बंद से जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। कुछ स्थानों पर बाजार बंद रहे और वाहन नहीं चले।



सैंकड़ो प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

 उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, झारखंड, बिहार तथा पंजाब सहित अन्यों राज्यों में सैंकडों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है।

 


 यूपी-मप्र में चार-चार कंपनी भेजी

 विभिन्न राज्यों में ङ्क्षहसक प्रदर्शनों से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश में त्वरित कार्य बल एवं अद्र्धसैनिक बलों की चार-चार कंपनियां भेजी गई हैं।


 पांच राज्यों पर गहन निगरानी

 गृह मंत्रालय के अनुसार बंद और हिंसा से प्रभावित गुजरात, बिहार, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में स्थिति की निगरानी की जा रही है।