राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता करवाने के लिए सरकार के पास नहीं हैं पैसे, इस तरह मांगी जा रही मदद

Daily news network Posted: 2019-09-08 08:55:49 IST Updated: 2019-09-08 08:56:36 IST
राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता करवाने के लिए सरकार के पास नहीं हैं पैसे, इस तरह मांगी जा रही मदद
  • राजधानी शिमला में होने वाली राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता के लिए 2 करोड़ रुपये जुटाना भी सरकार के लिए मुश्किल हो गया है

नई दिल्ली

राजधानी शिमला में होने वाली राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता के लिए 2 करोड़ रुपये जुटाना भी सरकार के लिए मुश्किल हो गया है। इस राशि के लिए खेल मंत्री गोविद ठाकुर को होटलियर, स्टेकहोल्डरों, कंपनियों, उद्योगपतियों आदि से सहयोग मांगना पड़ रहा है।

 

 


शिमला में 4 से 10 अक्टूबर तक चौथी विशिष्ट वर्ग की राष्ट्रीय पुरुष मुक्केबाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में ओलंपिक, एशियन खेलों में हिस्सा लेने वालों के अलावा वैश्विक स्तर के मुक्केबाज हिस्सा लेंगे। इनके आने-जाने, ठहरने और पुरस्कृत करने के लिए करीब 2 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यही कारण है कि इस प्रतियोगिता की सफलता के लिए विभागों के अधिकारियों को भी टार्गेट दिया गया है जिससे ज्यादा से ज्यादा राशि जुटाकर आयोजन हो सके।

 

 


सूत्रों की मानें तो करीब 1 करोड़ रुपये तक का प्रबंध सरकार अपने बजट से करने के लिए तैयार है। शेष एक करोड़ रुपये के लिए प्रायोजक तलाशे जा रहे हैं। इसके लिए प्रदेश में स्थापित औद्योगिक घरानों से भी बात की जा रही है। खेल मंत्री गोविद ठाकुर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश जारी किए जिससे प्रतियोगिता को आयोजित किया जा सके। प्रतियोगिता के दौरान दो मुक्केबाजी रिग स्थापित किए जाएंगे। इनमें तीन सत्र में मुक्केबाजी प्रतियोगिता होगी। बैठक में प्रबंध निदेशक एचपीटीडीसी कुमुद सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीर कुमार, अतिरिक्त सचिव जीएडी मनोज तोमर, नगर निगम शिमला के संयुक्त आयुक्त अनिल शर्मा आदि वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


 


हिमाचल प्रदेश मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष राजेश भंडारी ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों डॉ. वाईएस परमार, शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल के कार्यकाल के दौरान शिमला में पांच बार राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया जा चुका है। इस बार होने वाली प्रतियोगिता में देश की 38 टीमों के लगभग 300 मुक्केबाज भाग लेंगे। इनमें रेलवे, थल, वायु और जल सेना, हरियाणा, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, मणिपुर, असम, दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, गोवा और आंध्र प्रदेश ने पहले से ही भागीदारी सुनिश्चित कर दी है।