आज त्रिपुरा में जुटेंगे पूर्वोत्तर के सभी मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों के साथ होगी अहम चर्चा

Daily news network Posted: 2018-04-10 11:12:19 IST Updated: 2018-04-10 11:12:19 IST
आज त्रिपुरा में जुटेंगे पूर्वोत्तर के सभी मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों के साथ होगी अहम चर्चा
  • नवगठित पूर्वोत्तर नीति मंच की पहली बैठक त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में आयोजित की जायेगी

अगरतला।

नवगठित पूर्वोत्तर नीति मंच की पहली बैठक त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में आयोजित की जायेगी, जिसकी अध्यक्षता नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह करेंगे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार इसमें पूर्वाेत्तर राज्यों के मुख्यमंत्री भी भाग लेंगे। 

 

 



बैठक में कई मुद्दों पर होगी चर्चा

कुमार ने इस बैठक का उल्लेख करते हुये कहा कि एक समृद्ध पूर्वोत्तर की दिशा में बढऩा विषय वस्तु पर आधारित इस बैठक में विकास के अवरोधों की पहचान करने, संसाधनों को दुरुस्त करने और पूर्वोत्तर पर पुन: ध्यान केंद्रित किये जाने की आवश्यकता पर जोर दिया जायेगा। इस बैठक में पूर्वोत्तर में सड़क, रेल और वायु संपर्क बढ़ाने की रणनीति, जल विद्युत के लिये मौजूद संभावनाओं के दोहन के उपाय, पूर्वोत्तर में रासायनिक खाद रहित खेती को बढ़ावा देने, फल, सब्जियों और मसालों एवं औषधीय वनस्पतियों की खेती सहित कई मुद्दों पर चर्चा होगी।

 

 



फरवरी में हुआ था नीति मंच का गठन

उन्होंने कहा बैठक के दौरान किसानों के लिये मिट्टी हेल्थ कार्ड, फसल कटने के बाद होने वाले नुकसान को लगभग समाप्त करने, कृषि बीमा का दायरा बढ़ाने, दूध उत्पादन को बढ़ावा देने, पहले से जारी सिंचाई परियोजनाओं को शीघ्रता से पूरा करने, प्राकृतिक पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, रोमांचकारी पर्यटन को प्रोत्साहित करने, पूर्वोत्तर पर्यटन विकास परिषद (एनईटीडीसी) को सशक्त बनाने, सिक्किम के ऑर्गेनिक थीम पर आधारित घर में ठहरने वाले पर्यटन को पूर्वोत्तर के दूसरे राज्यों में प्रोत्साहित करने आदि विषय भी उठाए जाएंगे। पूर्वोत्तर के सतत आर्थिक विकास को सुनिश्चित करने और क्षेत्र के विकास की समय-समय पर समीक्षा करने के उद्देश्य से फरवरी में नीति मंच का गठन किया गया था। 

 




महत्वपूर्ण मुद्दों की पड़ताल करेगा फोरम

मंगलवार को पूरे दिन चलने वाली बैठक में त्रिपुरा, मेघालय, नागालैंड, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री समेत सभी आठ पूर्वोत्तर राज्यों के शीर्ष अधिकारी और कई दूसरे केंद्रीय मंत्री शामिल हो सकते हैं। अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद फोरम पिछले महीने गठित किया गया था। यह फोरम उन महत्वपूर्ण मुद्दों की जांच-पड़ताल करेगा, जिन्हें विशेष रूप से हल नहीं किया जा सका है। मंत्री जितेंद्र सिंह ने हाल ही में गुवाहाटी में कहा था कि 90 साल पुराने भारतीय वन अधिनियम 1927 में केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले के माध्यम से संशोधन किया गया था। यह कानून ब्रिटिश राज के समय से चला आ रहा था। मंत्रिमंडल की अध्यक्षता प्रधानमंत्री मोदी ने की थी।