पूर्वोत्तर राज्यों में विकास के लिए सरकार इन पांच क्षेत्रों में करेगी काम

Daily news network Posted: 2018-04-22 14:20:50 IST Updated: 2018-04-22 16:41:31 IST
पूर्वोत्तर राज्यों में विकास के लिए सरकार इन पांच क्षेत्रों में करेगी काम
  • त्रिपुरा के अगरतला में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए नीति फोरम की पहली बैठक में बागवानी, पर्यटन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए पांच विकास मिशनों को रेखांकित किया गया।

अगरतला

त्रिपुरा के अगरतला में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए नीति फोरम की पहली बैठक में बागवानी, पर्यटन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए पांच विकास मिशनों को रेखांकित किया गया। इस क्षेत्र के लिए विकास परियोजनाएं "एचआईआरए" पर आधारित होगी, जिसका अर्थ है, हाइवेज, इंटरनेटवेज, रेलवेज और एयरवेज। 




मीडिया से बात करते हुए नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ राजीव कुमार ने कहा कि इस क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में उड़ान की भी योजना है, जिसके माध्यम से राज्य की राजधानियां एक-दूसरे जुड़ी रहेंगी। नीति फोरम का गठन इस वर्ष फरवरी में पूर्वोत्तर के सतत विकास के लिए ढांचे को तलाशने और तैयार करने के लिए किया गया था।

 


पूर्वोत्तर के लिए नीति फोरम

 

 केन्द्र सरकार ने फरवरी 2018 में पूर्वोत्तर के लिए नीति फोरम की स्थापना की थी। इसकी सह-अध्यक्षता नीति आयोग के उपाध्यक्ष और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को सौंपी गई। फोरम का सचिवालय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय में घोषित किया गया। फोरम का कार्य विकास कार्यों में आने वाली अड़चनों की पहचान करना तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र में तेज एवं सतत विकास के लिए आवश्यक कदमों की सिफारिश करना है।

 

 


फोरम के सदस्यों में सड़क यातायात एवं राजमार्ग मंत्रालय, रेल मंत्रालय, बिजली मंत्रालय, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव शामिल हैं। इनके अलावा पूर्वोत्तर राज्यों असम, सिक्किम, नगालैंड, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा, अरूणाचल प्रदेश और मिजोरम के मुख्य सचिव भी फोरम के सदस्य निर्धारित किये गये हैं।

 

 


पूर्वोत्‍तर में विकास परियोजनाएं


1. बैठक का उद्धाटन करते हुए राजीव कुमार ने कहा कि‍ पूर्वोत्‍तर में विकास परियोजनाएं प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी द्वारा सुझाए गई हीरा हाईवे,  आईवे (इंटरनेट),  रेलवे और एयर वे  की अवधारणा पर आधारित होंगी।

  


2. उन्‍होंने कहा कि  क्षेत्र में शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य और कौशल विकास पर भी ध्‍यान दिया जाएगा। बगावानी, पर्यटन, खाद्य प्रसंस्‍करण, बांस के इस्‍तेमाल और पूर्वोत्‍तर में बने सामान को तय समय में पांच मिशन मोड परियोजनाओं के जरिए प्रोत्‍साहित किया जाएगा।

  

 


3.सरकार आजादी के बाद से पिछले करीब सात दशकों से देश की मुख्‍यधार से कटे रहे पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के विकास पर पूरी तरह अपना ध्‍यान केन्द्रित कर रही है। पिछले तीन सालों में पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के लिए आवंटित राशि के इस्‍तेमाल में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

    

 

 


4. केन्‍द्र सरकार पूर्वोत्‍तर क्षेत्र की विकास परियोजनाओं के लिए शत प्रतिशत वित्‍तीय मदद देगी। इसके पहले तक केन्‍द्र सरकार ऐसी परियोजनाओं के लिए 90 फीसदी मदद देती थी, जबकि राज्‍य का हिस्‍सा दस फीसदी होता था।

    

 


5.क्षेत्र में अवसंरचना तथा संपर्क की सुविधाएं विकसित कर विकास से जुड़ी सभी समस्‍याओं का निराकरण हो सकता है। आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 2022 में राष्‍ट्रीय खेलों का आयोजन मेघालय में किया जाएगा। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि भौगोलिक और आर्थिक बाधाओं को दूर कर ही पूर्वोत्‍तर क्षेत्र की आर्थिक चुनौतियों का मुकाबला किया जा सकता है।

    

 


6.पूर्वोत्‍तर के सभी आठ राज्‍यों के प्रतिनिधियों ने क्षेत्र को समृद्ध बनाने के बारे में बैठक में अपने अहम सुझाव दिए। बैठक का मुख्‍य विषय भी यही था। पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय में सचिव नवीन वर्मा तथा एनईसी में सचिव राम मुइवा ने क्षेत्र में चल रही विभिन्‍न विकास परियोजनाओं की स्थिति के बारे में जानकारी दी।

    

 


7. पूर्वोत्‍तर क्षेत्र का सतत आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के लिए पूर्वात्‍तर के लिए नीति फोरम का गठन फरवरी 2018 में किया गया था।