कर्मचारियों की लापरवाही, 18 स्टेशनों तक नहीं रूकी ट्रेन, मौत से जूझती रही मासूम

Daily news network Posted: 2018-05-12 11:07:46 IST Updated: 2018-05-12 11:57:28 IST
कर्मचारियों की लापरवाही, 18 स्टेशनों तक नहीं रूकी ट्रेन, मौत से जूझती रही मासूम
  • गुवाहाटी एक्सप्रेस में अपने परिवार के साथ सफर कर रही साढ़े 4 साल की एक मासूम की तबीयत अचानक बिगड़ गई। लेकिन उसे 18 स्टेशन तक कोई इलाज ही नहीं मिला।

गुवाहाटी।

गुवाहाटी एक्सप्रेस में अपने परिवार के साथ सफर कर रही साढ़े 4 साल की एक मासूम की तबीयत अचानक बिगड़ गई, लेकिन उसे 18 स्टेशन तक कोई इलाज ही नहीं मिला। ट्रेन के बरेली पहुंचने पर डॉक्टर ने पेशेंट को अटेंड तो किया, लेकिन यहां भी इलाज के नाम पर दिया तो महज एक टेबलेट। ये घटना सीधे तौर पर रेलवे आधिकारियों की लापरवाही दिखा रही है। आपको बता दें कि रेलवे अधिकारियों की लापरवाही के कारण 8 मई को चंडीगढ़-पाटलीपुत्र एक्सप्रेस में 4 वर्षीय आलोक की दस्त से मौत हो गई थी।

 

 

 


समस्तीपुर निवासी अनिल दास अपनी पत्‍‌नी अंजू और बेटी सोनी के साथ दिल्ली जाने के लिए गुवाहाटी एक्सप्रेस में सवार हुए। अनिल दिल्ली में ही मजदूरी करता है। समस्तीपुर से चार स्टेशन बीतने के बाद ट्रेन जब छपरा स्टेशन पहुंची तो सोनी को फीवर हो गया और कई बार उल्टी भी हुई। इसकी सूचना अनिल ने टीटीई को दी, लेकिन छपरा स्टेशन पर इलाज नहीं मिला।

 


 


अनिल को लगा कि अगले स्टेशन पर बेटी को इलाज मिल जाएगा, लेकिन हद तो तब हो गर्इ जब छपरा से बरेली के बीच पड़े 18 स्टेशनों पर किसी ने भी सोनी की तबीयत की फिक्र नहीं की। उधर, फीवर और उल्टी से सोनी की तबीयत काफी बिगड़ती गई। कोच में सफर कर रहे बाकी यात्री भी चिंतित हो गए। दोपहर 2 बजे के करीब ट्रेन बरेली जंक्शन के प्लेटफार्म नम्बर-2 पर आकर लगी। तब कहीं जाकर सोनी को मेडिसिन दी गई। वह भी सीरप की जगह एक टेबलेट परिजनों को थमा दी गई।