पूर्वोत्तर में चौतरफा विकास की जरुरत: जितेंद्र

Daily news network Posted: 2018-04-09 13:23:28 IST Updated: 2018-04-09 14:27:57 IST
पूर्वोत्तर में चौतरफा विकास की जरुरत: जितेंद्र
  • पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने क्षेत्र के चौतरफा विकास को नरेंद्र मोदी सरकार की प्राथमिकता करार देते हुए आज कहा कि पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में विकास की बाधाओं को तलाशने, संसाधनों में सामंजस्य बनाने तथा नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने की जरुरत है।

नई दिल्ली।

पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने क्षेत्र के चौतरफा विकास को नरेंद्र मोदी सरकार की प्राथमिकता करार देते हुए आज कहा कि पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में विकास की बाधाओं को तलाशने, संसाधनों में सामंजस्य बनाने तथा नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने की जरुरत है।

 


 सिंह और नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने यहां एक संंवाददाता सम्मेलन में यह टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार ने पूर्वोत्तर राज्यों की विकास परियोजनाओं पर बल देने के लिए विशेष नीति तैयार की है।

 


 इसके लिए नीति आयोग में एक विशिष्ठ प्रकोष्ठ का गठन किया है। इसके पहली बैठक कल अगरतला में आयोजित की जाएगी। इस प्रकोष्ठ का गठन इस वर्ष फरवरी में किया गया था। बैठक की अध्यक्षता सिंह तथा कुमार संयुक्त रुप से करेंगे।

 


 बैठक में पूर्वोत्तर राज्यों के सभी मुख्यमंत्री और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय, पूर्वोत्तर परिषद के वरिष्ठ अधिकारी तथा क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति भाग लेंगे। सिंह ने बैठक के एजेंडा का खुलासा करते हुए बताया कि सरकार की प्राथमिकता क्षेत्र में विकास की परियोजना को वास्तविकता में जमीन पर उतारना है। इसके लिए सरकार ने विशेष नीति बनाई है।

 


 सिंह ने कहा कि नीति आयोग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर गठित किये गये विशिष्ठ प्रकोष्ठ से पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों की विकास परियोजनाओं को तेज गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की विकास रणनीति और परियोजनाओं पर नए सिरे से ध्यान देने की जरुरत है। इसके लिए विकास के रास्ते में आने वाली बाधाओं की पहचान करने तथा उपलब्ध संसाधनों के बीच सामंजस्य स्थापित करने पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए।

 


 उन्होंने कहा कि विशेष प्रकोष्ठ की पहली बैठक में क्षेत्र में सड़क, रेल तथा वायु संपर्क मजबूत करने पर चर्चा की जाएगी। क्षेत्र में जलविद्युत की असीम संभावनाएं हैं और इनके दोहन पर भी विचार विमर्श होगा। क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कृषि तथ संबंधित क्षेत्रों, जल प्रबंधन और पर्यटन पर चर्चा होगी। इसके अलावा बैठक में क्षेत्र में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी।

 


 पूर्वोत्तर क्षेत्र में सतत् विकास सुनिश्चित करने के लिए पूर्वोत्तर नीति प्रकोष्ठ का गठन फरवरी में किया गया था। यह प्रकोष्ठ समय समय पर क्षेत्र की विकास परियोजनाओं की समीक्षा भी करेगा और इन पर अपने सुझाव देगा।