'आदिवासी इलाकों में मस्जिद बर्दाश्त नहीं'

Daily news network Posted: 2018-01-11 16:33:38 IST Updated: 2018-01-11 19:44:13 IST
  • मिजोरम में एक मस्जिद के निर्माण का विरोध हो रहा है। मिजोरम की अपेक्स स्टूडेंट बॉडी मिजो जिरलई पॉव्ल(एमजेडपी) ने उस मजिस्द के निर्माण का कड़ा विरोध किया है

आईजोल।

मिजोरम में एक मस्जिद के निर्माण का विरोध हो रहा है। मिजोरम की अपेक्स स्टूडेंट बॉडी मिजो जिरलई पॉव्ल(एमजेडपी) ने उस मजिस्द के निर्माण का कड़ा विरोध किया है जो सेंट्रल शेरछिप कस्बे में बन रही है। मस्जिद के लिए एक महिला ने जमीन दी थी। शेरछिप के एमजेडपी मुख्यालय की ओर से जारी बयान में रोथुआमी की कटु आलोचना की गई है जिसने मस्जिद के लिए अपनी जमीन बेच दी थी। बयान में दावा किया गया है कि यह गैर कानूनी है क्योंकि ट्राइबल एरियाज में गैर ट्राइबल्स को कानूनी रूप से जमीन खरीदने की अनुमति नहीं है।


 मिजो स्टूडेंट डी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, हालांकि भारत का संविधान प्रत्येक समुदाय को धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है। भारत का संविधान प्रत्येक समुदाय को देश के किसी भी हिस्से में उनके धार्मिक स्माकर बनाने की अनुमति देता है। लेकिन मुस्लिम समुदाय मजिस्द बनाने के लिए स्थायी रूप से जमीन नहीं खरीद सकता क्योंकि गैर आदिवासियों को आदिवासी इलाकों में जमीन खरीदने की कानूनी अनुमति नहीं है। मिजो स्टूडेंट बॉडी ने मस्जिद के निर्माण के लिए जमीन खरीदने की यह कहते हुए आलोचना की है कि यह संविधान में आदिवासी लोगों को दए गए अधिकारों का उल्लंघन है।


 यह आदिवासी लोगों के प्रोटेक्शन के खिलाफ है। एमजेडपी ने बयान में कहा है कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए बड़ी कोशिशें करेगा कि मिजोरम में गैर आदिवासी लोग स्थायी रूप से जमीन के मालिक ना बनें।