घर नहीं लौटना चाहते 1440 घुसपैठिए

Daily news network Posted: 2018-01-11 13:49:15 IST Updated: 2018-01-11 19:55:12 IST
  • म्यांमार से भाग कर मिजोरम में घुसे 1440 लोग अब हमारे लिए सिरदर्द बन गए हैं। ये लोग अब अपने देश लौटना नहीं चाहते।

म्यांमार से भाग कर मिजोरम में घुसे 1440 लोग अब हमारे लिए सिरदर्द बन गए हैं। ये लोग अब अपने देश लौटना नहीं चाहते। आपको बता दें कि पिछले साल म्यांमार में सेना व आतंकियों के बीच हिसक संघर्ष के कारण ये लोग म्यांमार से भागकर मिजोरम में घुस आए थे। मिजोरम सरकार ने इन्हें अपने यहां शरण दी थी और इनके लिए खाने व रहने के इंतजाम किए थे। मंगलवार को अधिकारियों ने बताया कि ये लोग अब वापस अपने देश नहीं लौटना चाहते। म्यांमार से कुल 1600 लोगों ने मिजोरम के लॉन्गतलई जिले के कई गांवों में शरण ली थी।


 ये सभी लोग 25 नवंबर को आए थे। असम राईफल्स के सूत्रों का कहना है कि फोर्स ने शरणार्थियों को उनके देश भेजने की कोशिश की थी। यह कोशिश उस वक्त की गई थी जब म्यांमार की सेना के अधिकारियों ने कहा था कि उन्होंने चिन स्टेट में अराकान आर्मी के ठिकानों का भंडाफोड़ किया है और इलाके को अपने नियंत्रण में ले लिया है। सूत्रों के मुताबिक कुछ शरणार्थी अपने देश लौट गए लेकिन 1440 शरणार्थियों ने अपने घर जाने से इनकार कर दिया। इनमें 998 वयस्क हैं। इनमें 773 महिलाएं और 442 नाबालिग शामिल हैं।



इनमें से कुछ को डर है कि अगर वे वापस अपने घर गए तो वहां पर सरकारी बलों और अराकान आर्मी के आतंकियों के बीच किसी भी वक्त हिंसक संघर्ष शुरू हो सकता है। जबकि कईयों ने राज्य में ही सैटल होने को तरजीह दी है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ शरणार्थियों ने घर बनाने की कोशिश की थी लेकिन जिला प्रशासन ने उन्हें रोक दिया और वापस राहत शिविरों में भेज दिया। आपको बता दें कि म्यांमार के रखाइन प्रांत में वहां की सेना ने अराकान आर्मी के आतंकियों के खिलाफ अभियान शुरू किया था।


 रखाइन प्रांत को आतंकियों के कब्जे से मुक्त कराने के लिए सेना ने धावा बोला था। मिजोरम में म्यांमार से जो शरणार्थी आए हैं उनमें से ज्यादातर जखई और खुमी ट्राइब्स से ताल्लुक रखते हैं। ये लोग जोचाछुआह, डुमजाउतलांग के शिविरों में रह रहे हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि गांवों के लोगों को समस्याएं हैं क्योंकि उनके अपने गांवों में शरणार्थियों की संख्या बढ़ गई है। हालांकि उनमें से कई उनके रिश्तेदार हैं।