अपने गीतों से लोगों के दिलों पर आज भी राज करते हैं भूपेन हजारिका

Daily news network Posted: 2019-01-26 12:11:00 IST Updated: 2019-01-27 08:44:24 IST
अपने गीतों से लोगों के दिलों पर आज भी राज करते हैं भूपेन हजारिका

गुवाहाटी।

असम के दिग्गज और महशूर गीतकार भूपेन हजारिका को भारत सरकार ने भारत रत्न से सम्मानित किया है। आपकी जानकारी लिए बता दें कि असमवासियों ने डॉ. हजारिका को सर्वोच्च नागरीक से  नवजाने की मांग कर रहे थे और केंद्र सरकार ने हाल ही डॉ. हजारिका के मरणोप्रांत भारत रत्न से सम्मानित किया है। आइए जानते हैं  डॉ. हजारिका के जीवन की कुछ बातें।



संगीत के क्षेत्र में डॉ. हजारिका ने बहुत ही नाम कमाया है। अपनी आवाज से उन्होंने सारी दुनिया को कायल कर रखा था। दिल को घायल कर देने वाली आवाज का श्रेय भूपेन आपनी मां को देते थे। भूपेन कहते थे कि उनको संगीत की प्रेणा उनकी मां से मिली थी। इसी आवाज पर भूपेन को 1975 में सर्वोत्‍कृष्‍ट क्षेत्रीय फिल्‍म के लिए राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार मिला था और  1992 में सिनेमा जगत के सर्वोच्‍च पुरस्‍कार 'दादा साहब फाल्‍के' से भी सम्मानित किया गया था। 



इसके साथ पद्म भूषण, असोम रत्‍न और संगीत नाटक अकादमी अवार्ड्स से भी भूपेन को नवाजा गया।आपको बता दें कि भूपेन हजारिका के गीत ' दिल हूम हूम करे' और ' ओ गंगा तू बहती है क्‍यूं'  आज भी लोगों के दिलों पर राज करते हैं। भूपेन हजारिका की वैसे तो मूल भाषा असमिया थी, लेकिन उनको असमिया के अलावा हिंदी और बंगला सहित अन्‍य कई भारतीय भाषाओं में गीत गाए हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि  फिल्‍म 'गांधी टू हिटलर' में राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी का पसंदीदा भजन ' वैष्‍णव जन तो तेने कहिए' भी गाया था, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया गया था। भूपेन हजारिका शानदार गायक के साथ साथ एक लेखक भी थे। 



उन्होंने अपने जीवन में 1 हजार गाने और 15 किताबें लिखीं। भूपेन ने जीवन में कई तरह के संघर्ष कर कई मुकाम हासिल किए है और अपनी जिंदगी के सभी मकसद मुकम्मल कर 2011 में मोक्ष को प्राप्त हुए, लेकिन दुनिया में अपने गाए हुए गीतों से हमेशा हमेशा के लिए अमर हो गए।