अवैध घुसपैठ व बांग्लादेश में हिंदुओं के उत्पीडऩ पर पीएम मोदी की नहीं खुली जुबान

Daily news network Posted: 2019-02-08 12:08:33 IST Updated: 2019-02-09 08:52:05 IST

गुवाहाटी।

भाजपा नागरिकता संशोधन बिल को राज्यसभा में पारित कराने के लिए उतावली है ताकि बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीडऩ के शिकार अल्पसंख्यक समुदायों को भारतीय नागरिकता प्रदान की जाए, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना के साथ हुई मीटिंग में अल्पसंख्यकों के धार्मिक उत्पीडऩ के मुद्दे को नहीं उठाया।

 

 


 विदेश मंत्रालय ने 2017 में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच हुई मीटिंग को लेकर एक विस्तृत नोट रिलीज किया है। इस मीटिंग में प्रधानमंत्री मोदी ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के धार्मिक उत्पीडऩ का मुद्दा नहीं उठाया था। मीटिंग में आतंकवाद रोधी व विकास के क्षेत्र में आपसी सहयोग समेत व्यापक मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत में बांग्लादेशी नागरिकों की घुसपैठ का मुद्दा भी दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की बैठक में नहीं उठाया गया। आपको बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव और 2016 के विधानसभा चुनावों में भाजपा का यह प्रमुख चुनावी वादा था।

 

 

 


 दरअसल मोदी ने बांग्लादेश में प्रभावी सामाजिक आर्थिक विकास व पड़ोसी देश में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए शेख हसीना की ओर से उठाए गए कदमों की तारीफ की। मोदी ने क्षेत्र में शांति को बढ़ावा देने, व स्थायीत्व को लेकर भी हसीना की तारीफ की थी. प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश में हिंसक चरमपंथ व आतंकवाद से लड़ाई की लगातार कोशिशों की भी तारीफ की। दोनों प्रधानमंत्रियों ने 1971 में बांग्लादेश में हुए नरसंहार की निंदा की। दोनों ने दृढ़तापूर्वक स्वीकार किया कि अत्याचार व अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उन लोगों की याद को पहचान व संरक्षित करने की मांग की जिन्होंने अपनी जिंदगियां खो दी और नरसंहार के दौरान जिन्हें परेशानियां झेलनी पड़ी। दोनों नेताओं ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग, कनेक्टिविटी, ट्रेड व कॉमर्स समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की लेकिन भारत में बांग्लादेशी नागरिकों की घुसपैठ व बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के धार्मिक उत्पीडऩ का जिक्र नहीं था।