पूर्वोत्तर के विकास के लिए मोदी सरकार ने उठाया बड़ा कदम, चर्चाओं का दौर शुरू

Daily news network Posted: 2018-05-13 14:37:57 IST Updated: 2018-05-13 14:37:57 IST
पूर्वोत्तर के विकास के लिए मोदी सरकार ने उठाया बड़ा कदम, चर्चाओं का दौर शुरू
  • पूर्वोत्तर राज्यों में पर्यटन विकास के लिए प्राथमिकता पर नई परियोजनाओं को लेकर केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), एमओएस पीएमओ

पूर्वोत्तर राज्यों में पर्यटन विकास के लिए प्राथमिकता पर नई परियोजनाओं को लेकर केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), एमओएस पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री के.जे.अल्फोन्स के साथ आज यहां बैठक की। यह बैठक पूर्वोत्तर राज्यों के विकास के लिए निरंतर अंतर-मंत्रालयी चर्चाओं का हिस्सा है।

 

 


 

 बैठक के बाद, डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में ऐसी परियोजनाओं के लिए उच्च निधि आवंटन और विशेष पैकेज के लिए वित्त मंत्रालय से सिफारिश की है।सिंह ने बताया कि उत्तर-पूर्व विशेष बुनियादी ढांचा विकास योजना (एनईएसआईडीएस) के तहत पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जल आपूर्ति, बिजली, कनेक्टिविटी से संबंधित भौतिक आधारभूत सरंचना की परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है।

 

 


  पर्यटन सर्किट को बढ़ावा देना मकसद

 

 डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र की केंद्रीय और राज्य सरकारों की मौजूदा योजनाओं से अधिक होगा। पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) के तहत, थीम आधारित क्षेत्रीय पर्यटन सर्किट को बढ़ावा देने के लिए काम चल रहा है।

 


 

 नाथूला को तीर्थयात्रियों के अनुकूल बनाया गया

 

 पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के तहत कुछ नई पहलों के लिए वित्त पोषित कार्यों के बारे में बताते हुए डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि सिक्किम में नाथूला को मानसरोवर यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों के अनुकूल बनाया गया है। उन्होंने कहा कि असम में लोकप्रिय पर्यटक केन्द्र माजुली द्वीप में ऐसी पर्यटक सुविधाएं विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में पर्यटन में कनेक्टिविटी में वृद्धि देखी गई है, जिसमें रोजगार पैदा करने की अत्यधिक क्षमता है।