2019 के चुनाव में जीत पक्की करने के लिए सरकार ने खेला दांव, किया ऐसा बड़ा ऐलान

Daily news network Posted: 2018-05-18 17:10:05 IST Updated: 2018-05-25 15:22:32 IST
2019 के चुनाव में जीत पक्की करने के लिए सरकार ने खेला दांव, किया ऐसा बड़ा ऐलान
  • जैसे-जैसे 2019 के चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे मोदी सरकार जीत के लिए नर्इ-नर्इ तरकीब अपना रही है। इसी को मद्देनजर रखते हुए मोदी सरकार ने अपनी कई प्रमुख स्कीम्स की डेडलाइन घटा दी है।

नर्इ दिल्ली।

जैसे-जैसे 2019 के चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे मोदी सरकार जीत के लिए नर्इ-नर्इ तरकीब अपना रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार ने अपनी कई प्रमुख स्कीम्स की डेडलाइन घटा दी है। यानी उन्हें तय समय से पहले पूरा करने का टारगेट तय किया गया है। सरकार ऐसा कर 2019 के आम चुनाव में पूरी तैयारी के साथ जाना चाहती है, जिससे वह 2014 में किए गए वादों का लेखा-जोखा लोगों के सामने रख सके। इसके तहत सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना (रूरल), सौभाग्‍य, रोड, पावर फॉर ऑल और भारत नेट परियोजना शामिल है।

  

 प्रधानमंत्री आवास योजना (रूरल)

 पुरानी डेड लाइन : 31 मार्च 2019

 नई डेडलाइन : 31 दिसंबर 2019

  

मौजूदा स्थिति


प्रधानमंत्री आवास योजना (रूरल) का टारगेट एक करोड़ घर बनाना है। रूरल डेवलपमेंट मिनिस्‍ट्री की रिपोर्ट बताती है कि अब तक लगभग 44 लाख घर बने हैं। यह साल 2017-18 में 12.25 लाख घर बने। 44 लाख से अधिक घर पिछले 7 साल में बने हैं, जिसमें यूपीए सरकार में चल रही इंदिरा आवास योजना भी शामिल है। ऐसे में, सरकार के समक्ष अगले 8 महीने में 56 लाख घर बनाना किसी चुनौती से कम नहीं है।

  


सौभाग्‍य

 पुरानी डेडलाइन : 31 मार्च 2019

 नई डेडलाइन : 31 दिसंबर 2018

मौजूदा स्थिति

 11 अक्‍टूबर 2017 को शुरू हुई प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्‍य) की शुरुआत हुई। टारगेट रखा गया, 31 मार्च 2019 तक लगभग 3.82 करोड़ घरों में बिजली पहुंचाना। लेकिन 17 मई 2018 तक 58.23 लाख घरों में बिजली पहुंचाई गई है। नई डेडलाइन के मुताबिक अब सरकार के पास 7 माह बचे हैं और अभी भी लगभग 3.24 करोड़ हजार घरों में बिजली पहुंचानी है। पावर सेक्‍टर के जानकार शैलेंद्र दुबे कहते हैं कि सरकार इस काम में प्राइवेट सेक्‍टर की मदद ले रही है। ऐसे में, देखना यह होगा कि सरकार के पास सही आंकड़ें पहुंचते हैं या नहीं।

 

 


पावर फॉर ऑल

 पुरानी डेडलाइन : 31 मार्च 2019

 नई डेडलाइन : 31 दिसंबर 2018

  


मौजूदा स्थिति

सबको 24 घंटे बिजली देने के लिए पावर फॉर आल मिशन की शुरुआत की गई थी। पावर मिनिस्‍ट्री की रिपोर्ट के मुताबिक, कई राज्‍यों के शहरों में तो 24 घंटे बिजली मिल रही है, लेकिन रूरल एरिया में 18 घंटे ही बिजली सप्‍लाई हो रही है। इन राज्‍यों में उत्‍तर प्रदेश, बिहार शामिल हैं। इस टारगेट को हासिल करने के लिए सरकार ने एक रास्‍ता अपनाया है। पावर मिनिस्‍ट्री ने कहा है कि उस जिले को 24 घंटे बिजली उपलब्‍ध कराई जाएगी, जहां बिजली चोरी और लाइन लॉस (एटीएंडसी) 15 फीसदी से कम होगा।

  


भारतनेट

 पुरानी डेडलाइन: 31 मार्च 2019

 नई डेडलाइन : 31 दिसंबर 2018


मौजूदा स्थिति

ढाई लाख ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर के जरिए हाई स्‍पीड इंटरनेट सर्विस पहुंचाने के लिए शुरू किए गए भारतनेट परियोजना का दूसरा चरण चल रहा है, जिसकी डेडलाइन दिसंबर 2018 की गई है। लेकिन अभी तक लगभग 1.10 लाख गांवों तक ही सर्विस शुरू हो पाई है। जबकि 1.15 लाख ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर बिछाई गई है।

  

 


 रोड

 पुरानी डेडलाइन : 31 मार्च 2019

 नई डेडलाइन : 31 दिसंबर 2018


मौजूदा स्थिति

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 2018-19 में 61000 किलोमीटर सड़क बनाई जानी है। इसके लिए मिनिस्‍ट्री ऑफ रूरल डेवलपमेंट ने एक दिन में 134 किलोमीटर सड़क बनाने के टारगेट को बढ़ा कर 167 किलोमीटर प्रतिदिन कर दिया है। जबकि साल 2016-17 में 130 किलोमीटर प्रति दिन का टारगेट अचीव किया गया था।