मोदी सरकार ने 27 साल पुराने नियम को बदलकर दिया बड़ा तोहफा

Daily news network Posted: 2019-02-09 19:45:37 IST Updated: 2019-02-09 19:45:37 IST
मोदी सरकार ने 27 साल पुराने नियम को बदलकर दिया बड़ा तोहफा
  • केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। मोदी सरकार की ओर से कर्मचारियों के शेयरों और म्यूचुअल फंडों में निवेश के खुलासे की लिमिट बढ़ा दी गई है।

केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। मोदी सरकार की ओर से कर्मचारियों के शेयरों और म्यूचुअल फंडों में निवेश के खुलासे की लिमिट बढ़ा दी गई है। मोदी सरकार ने यह लिमिट बढ़कर कर्मचारियों के छह माह के मूल वेतन के बराबर कर दी है।


 बता दें कि केंद्रीय कर्मचारियों को इसका 27 साल से इंतजार था। इसकी जानकारी कार्मिक मंत्रालय की ओर से दी गई है। इस बारे में केंद्र सरकार के सभी विभागों को मंत्रालय की ओर से आदेश जारी किया गया है। मोदी सरकार के इस फैसले के बाद करीब 27 साल पहले की मौद्रिक सीमा नियम में बदलाव होगा।


 गौरतलब है कि पहले ग्रुप ए और ग्रुप बी के अधिकारियों को शेयरों, प्रतिभूतियों, डिबेंचरों या म्यूचुअल फंड योजनाओं में कैलेंडर साल में 50 हजार रुपये से अधिक का लेन-देन करने पर उसका ब्यौरा देना पड़ता था। जबकि ग्रुप सी और ग्रुप डी के कर्मचारियों के लिए यह लिमिट मात्र 25,000 रुपये थी।


 लेकिन अब मोदी सरकार के नए नियम के तहत कर्मचा‍रियों को अपने निवेश की सूचना तभी देनी होगी जब एक कैलेंडर साल में यह निवेश उनके छह माह के मूल वेतन से ज्यादा हो जाएगा।


 दरअसल, सातवां वेतन लागू होने के बाद सरकारी कर्मचारियों के वेतन में इजाफा हुआ है। इस कारण लिमिट की सीमा बढ़ाने का फैसला किया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ट्रांजेक्शन पर निगाह रखने के लिए सरकार ने कर्मचारियों को ब्यौरा साझा करने का प्रारूप जारी किया है।