मोदी सरकार ने NRC के लिए जारी किए 1220 करोड़ रुपए

Daily news network Posted: 2018-04-05 07:59:58 IST Updated: 2018-04-05 11:44:24 IST
मोदी सरकार ने NRC के लिए जारी किए 1220 करोड़ रुपए
  • असम से अवैध बांग्लादेशियों की पहचान कर उन्हें देश से बहार निकालने की प्रक्रिया के तहत केंद्र सरकार ने 1220.93 करोड़ रुपए के प्रस्तावित व्यय

गुवाहाटी

असम से अवैध बांग्लादेशियों की पहचान कर उन्हें देश से बहार निकालने की प्रक्रिया के तहत केंद्र सरकार ने 1220.93 करोड़ रुपए के प्रस्तावित व्यय के साथ असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर 1951 को इस साल के अंत तक अद्यतन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।


 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। रजिस्टर अद्यतन करने के लिए 31 दिसंबर 2018 तक की तिथि तय की गयी है। इसके दायरे में 3.29 कराेड़ आवेदक आयेंगे। सरकार के इस फैसले से असम में राष्‍ट्रीय नागरिक रजिस्‍टर तैयार करने में मदद मिलेगी।

 


 राष्‍ट्रीय नागरिक रजिस्‍टर का पहले मसौदा 31 दिसम्‍बर, 2017 को प्रकाशित किया गया था, जिसमें 3.29 करोड़ आवेदकों में से 1.90 करोड़ लोगों को शामिल किया गया था। इनमें उन लोगों के नाम भी शामिल थे, जो सत्‍यापन की समूची प्रकिया पूरी कर चुके हैं।



 बाकी बचे लोगों की जांच प्रक्रिया अभी चल रही है, उनका सत्‍यापन जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा और इसके साथ ही राष्‍ट्रीय नागरिक रजिस्‍टर का सम्‍पूर्ण मसौदा इस वर्ष 30 जुलाई तक प्रकाशित किया जाएगा। जिसके बाद दावे व आपत्तियां को स्वीकार कर उनका निपटारा किया जाएगा और फिर ही अंतिम राष्‍ट्रीय नागरिक रजिस्‍टर प्रकाशित किया जाएगा।

 


एनआरसी प्रक्रिया

 


 राज्य में एनआरसी की मूल वजह ही यहां अरसे से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों ही हैं। उनकी पहचान के अहम उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट की सीधी देखरेख में यह प्रक्रिया तीन साल से चल रही है। राज्य में तमाम जातीय संगठन एनआरसी के बाद चिन्हित घुसपैठियों को बांग्लादेश वापस भेजने के लिए अभी से दबाव बना रहे हैं। वे केंद्र की तरफ से भारतीय नागरिकता कानून संशोधन विधेयक को पारित कराने की कोशिशों का पुरजोर विरोध जताते आ रहे हैं।

 


एनआरसी के राज्य संयोजक प्रतीक हाजेला के अनुसार

एनआरसी के राज्य संयोजक प्रतीक हाजेला ने बताया कि इस कवायद के तहत ऐसी महिलाओं को उनके पिता के करीब स्थित केंद्रों में बुला कर पूछताछ की जा रही है। इसके लिए पूरे राज्य में 1235 केंद्र खोले गए हैं और ढाई हजार अधिकारियों को काम पर लगाया गया है। हाजेला के मुताबिक एनआरसी को अपडेट करने की प्रक्रिया जून तक पूरी हो जानी है।

 



सुप्रीम कोर्ट का क्या कहना है


यह पूरी प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायलय की देख रेख में की जा रही है, जिसे आखिरी तारीख 30 जून से पहले प्रकाशित करने का आदेश दिया गया है, अदालत ने असम की सरकार को सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के लिए 30 जून का समय सीमा दी है हालांकि फरवरी में असम सरकार ने इस काम को इतने समय में पूरा करना असंभव बताते हुए अदालत से अनुरोध किया था कि तय समय सीमा को आगे बढ़ा दिया जाये। जिसे अदालत ने अस्वीकार कर दिया है, और तय सीमा में ही प्रक्रिया को पूरा बात कही है।