त्रिपुरा: समर्थकों को लेकर विधायक आधी रात हेडमास्टर के घर में घुसा

Daily news network Posted: 2018-04-12 12:55:25 IST Updated: 2018-04-12 12:55:25 IST
त्रिपुरा: समर्थकों को लेकर विधायक आधी रात हेडमास्टर के घर में घुसा
  • त्रिपुरा के कमालपुर से एक हैरान कर देने वाली वारदात सामने आई है। सुरमा विधानसभा क्षेत्र से विधायक अशीष दास बीती रात अपने समर्थकों को लेकर उच्च माध्यमिक स्कूल के हेडमास्टर के घर पहुंच गए। सभी हेडमास्टर के घर में घुस गए।

कमालपुर।

त्रिपुरा के कमालपुर से एक हैरान कर देने वाली वारदात सामने आई है। सुरमा विधानसभा क्षेत्र से विधायक अशीष दास बीती रात अपने समर्थकों को लेकर उच्च माध्यमिक स्कूल के हेडमास्टर के घर पहुंच गए। सभी हेडमास्टर के घर में घुस गए। विधायक को वहां शराब की कुछ खाली बोतलें मिली। इसके बाद विधायक और उनके समर्थकों ने हेडमास्टर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।




समाचार पत्र त्रिपुरा आब्जर्बर की रिपोर्ट के मुताबिक बीती रात करीब करीब 12 बजे विधायक आशीष दास अपने सहयोगियों के साथ माराछारा के इंफोर्मेशन सेंटर पहुंचे, जहां उच्च माध्यमिक स्कूल का हेडमास्टर अनिल देबबर्मा कथित रूप से अवैध रूप से रह रहा है। विधायक के साथ कमालपुर पुलिस थाने के प्रभारी अमल चक्रबर्ती भी थे। विधायक ने देखा कि परिसर में शराब की कुछ खाली बोतलें पड़ी हुई है। विधायक ने आरोप लगाया कि हेडमास्टर परिसर के अंदर कुछ महिलाओं के साथ था, जो शायद पुलिस के पहुंचने से पहले भाग गई।




 इन सभी चीजों को देखते हुए थाना प्रभारी अपने गुस्से को दबा नहीं पाए और उन्होंने इसे सबसे शर्मनाक हरकत करार दिया। इसके बाद थाना प्रभारी अमल चक्रबर्ती ने हेडमास्टर अनिल देबबर्मा से सरकारी दफ्तर में अवैध रूप से रहने को लेकर पूछताछ की गई। हेडमास्टर ने बताया कि वह सरकारी दफ्तर में रहने के लिए स्थानीय सीपीएम नेता प्राण कुमार दास को हर महीने 400 रुपए बतौर किराया देता है। हालांकि प्राण कुमार दास ने सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। 




इसके बाद पुलिस हेडमास्टर को लेकर कमालपुर पुलिस थाने पहुंची और अगली सुबह उसे पर्सनल बॉन्ड पर छोड़ दिया गया। विधायक आशीष दास ने इसे एजुकेशन के सिस्टम के लिए शर्मनाक करार दिया। साथ ही इसे लेफ्ट फ्रंट के 25 साल के कुशासन का नतीजा बताया। हालांकि कई आम लोगों का कहना है कि विधायक पुलिस को छापा मारने का निर्देश दे सकते थे बजाय खुद वहां जाने के। विधायक ने ऐसा कर निजता व आम व्यक्ति के अपने तरीके से जीवन जीने के अधिकार का हनन किया है।