कांग्रेस से लिया बदला, 34 से 5 सीटों पर लाकर पटका

Daily news network Posted: 2018-12-11 15:07:01 IST Updated: 2018-12-12 08:19:16 IST
कांग्रेस से लिया बदला, 34 से 5 सीटों पर लाकर पटका

आईजोल।

मिजोरम में विधानसभा की सभी 40 सीटों के परिणाम आ गए हैं। मिजो नेशनल फ्रंट ने विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। एमएनएफ ने 40 में से 26 सीटों पर कब्जा जमाया है। मिजोरम में सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़ा 21 सीटों का था। चुनाव परिणाम के बाद स्पष्ट हो गया है कि राज्य में मिजो नेशनल फ्रंट की सरकार बनने जा रही है। एमएनएफ चीफ जोरामथंगा राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे।

 

 



मिजोरम में सत्ता विरोधी लहर इतनी जबरदस्त थी कि कांग्रेस के मुख्यमंत्री लल थनहवला दोनों सीटों सेरछिप और चम्फई दक्षिण से चुनाव हार गए। यही नहीं 2013 के विधानसभा चुनाव में 34 सीटें जीतने वाली कांग्रेस इस बार सिर्फ 5 सीटों पर सिमट गई। आपको बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में एमएनएफ को 5 सीटें मिली थी। इस बार के विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और एमएनएफ के बीच ही था।

 

 

 

 


कांग्रेस और एमएनएफ ने 40-40 सीटों पर चुनाव लड़ा था। जहां कांग्रेस का हैट्रिक लगाने का सपना चूर चूर हो गया। वहीं एमएनएफ की 10 साल बाद सत्ता में वापसी हुई है। मिजोरम में हार के साथ ही पूरा पूर्वोत्तर कांग्रेस मुक्त हो गया है। मिजोरम एक मात्र ऐसा राज्य था जहां कांग्रेस की सरकार थी। अब त्रिपुरा सहित पूरे पूर्वोत्तर में भाजपा या उसके सहयोगी दलों की सरकारें हो गई है। आपको बता दें कि एमएनएफ भी भाजपा के नेतृत्व वाले नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस का हिस्सा है। हालांकि उसने मिजोरम में चुनाव पूर्व या चुनाव बाद भाजपा से हाथ मिलाने से साफ इनकार कर दिया था।

 

 

 


इसके बाद भाजपा ने अपने दम पर चुनाव लड़ा। भाजपा ने 39 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए थे। भाजपा को कोई बड़ा फायदा नहीं हुआ, लेकिन उसका खाता जरूर खुल गया। भाजपा के बुद्ध धान चकमा ने तुइचवांग सीट से एमएनएफ के रसिक मोहन को हराया। गौरतलब है कि चकमा पहले कांग्रेस में थे। वे कांग्रेस सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं लेकिन नवंबर में विधानसभा चुनाव से पहले वह भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ने उन्हें टिकट दिया और वे चुनाव जीत गए।