भाजपा नेता व स्वास्थ्य मंत्री का बेटा चला रहा था मर्सिडीज, बाइक को मारी टक्कर, पुलिस वाले की मौत

Daily news network Posted: 2018-04-07 15:15:04 IST Updated: 2018-04-07 15:15:04 IST
भाजपा नेता व स्वास्थ्य मंत्री का बेटा चला रहा था मर्सिडीज, बाइक को मारी टक्कर, पुलिस वाले की मौत
  • मेघालय के स्वास्थ्य मंत्री ए.एल.हेक का बेटा जिस मर्सिडीज को चला रहा था,उसने एक बाइक को टक्कर मार दी।

शिलॉन्ग।

मेघालय के स्वास्थ्य मंत्री ए.एल.हेक का बेटा जिस मर्सिडीज को चला रहा था,उसने एक बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में एक पुलिस वाले की मौत हो गई जबकि एक अन्य गंभीर रुप से घायल हो गया। मृतक की पहचान प्रोबिन डी.संगमा के रूप में हुई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बाइक 38 वर्षीय प्रोबिन ही चला रहा था। पुलिस के मुताबिक हादसा बीती रात करीब 12.45 शिलॉन्ग में ट्राई जंक्शन से 4 फर्लांग पहले हुआ। 



स्वास्थ्य मंत्री ए.एल.हेक का बेटा ए.नोंग्सिएज जिसकी उम्र 28 साल है, गहरे नीले रंग की मर्सिडीज में सवार था। वाहन पर अस्थाई नंबर(एएस 01टीसी 279)थे। मर्सिडीज ने मोटरबाइक पल्सर (एमएल05 जे 0913) पर सवार प्रोबिन डी.संगमा (जेल पुलिस) और मेघालय पुलिस के कांस्टेबल प्रोबत आर. मराक को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।



प्रोबिन और प्रोबत को गंभीर हालत में शिलॉन्ग के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने प्रोबिन को मृत घोषित कर दिया। प्रोबिन शिलॉन्ग जेल की आम्र्ड ब्रांच का कांस्टेबल है। वह पश्चिम गारो हिल्स के तिकरिकल्ला का रहने वाला है। बाइक के मालिक व मेघालय पुलिस के कांस्टेबल प्रोबत मराक की बाद में जब हालत बिगड़ गई तो उसे एनईआरजीआरआईएचएमस में शिफ्ट किया गया। 




जब वाहन के ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज करने के संबंध में पूछा गया तो पुलिस ने कहा कि वे यह पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि किसकी गलती है क्योंकि घटना का कोई चश्मदीद नहीं है। पुलिस ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री के बेटे को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई। 



शनिवार को शव का पोस्टमार्टम होगा। बताया जा रहा है कि मृतक के रिश्तेदार शिलॉन्ग के लिए रवाना हो गए हैं। आपको बता दें कि ए.एल.हेक विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए थे। विधानसभा चुनाव में भाजपा को सिर्फ 2 सीटें मिली थी। कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी लेकिन इसके बावजूद वह सरकार नहीं बना पाई।