मेघालय CM ने कहा कि उच्च शिक्षा में लागू नहीं होगा जाॅब रिजर्वेशन

Daily news network Posted: 2018-04-12 16:52:53 IST Updated: 2018-04-12 17:17:37 IST
मेघालय CM ने कहा कि उच्च शिक्षा में लागू नहीं होगा जाॅब रिजर्वेशन
  • मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने अभी हाल ही में कहा कि राज्य में नौकरी के लिए आरक्षण नीति, उच्च स्तरीय शिक्षा आैर तकनीकी एजुकेशन जैसे पॉलिटेक्निक, एमबीबीएस और इंजीनियरिंग में लागू नहीं होगी।

शिलांग।

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने कहा कि  उच्च स्तरीय शिक्षा आैर तकनीकी एजुकेशन जैसे पॉलिटेक्निक, एमबीबीएस और इंजीनियरिंग में नौकरी के लिए आरक्षण नीति लागू नहीं होगी। 

 

 

 मेघालय विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान जवाब देते हुए मुख्यमंत्री संगमा ने सदन में बताया कि राज्य में नौकरी के लिए आरक्षण शिक्षा नीति के बारे में कुछ भी उल्लेख नहीं करती है। हालांकि उन्होंने कहा कि यह अभी साफ नहीं है कि इसे आैर भी विस्तारित किया जाना चाहिए या नहीं।

 

 



उन्होंने कहा कि नाैकरी के लिए आरक्षण नीति में शिक्षा के लिए कुछ भी उल्लेख नहीं किया गया है। इसके बावजूद उच्च शिक्षा में आरक्षण दशकों से अपनाया जा रहा हैं। हालांकि मुख्यमंत्री उस समय कोर्इ जवाब नहीं दे सके, जब उनसे पूछा गया कि अगर अभी उच्च शिक्षा में आरक्षण की नीति को नहीं अपनाया जा सकता है तो इसे कब से अपनाया जाए ।

 


 इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने कहा कि सदन में पूछे गए किसी भी प्रश्न का जवाब देते समय सावधान रहना चाहिए, क्योंकि एक गलत जवाब भविष्य में प्रभाव डाल सकता है। प्रश्नकाल के दौरान भाग लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने सरकार को उच्च शिक्षा आैर विशेषकर पॉलिटेक्निक, एमबीबीएस और इंजीनियरिंग में आरक्षण नीति के मुद्दे पर जवाब सही करने का सुझाव दिया था। उन्होंने कहा कि क्यों मैं इस पर जोर दे रहा हूं क्योंकि ये सरकार के रुख को दर्शा रहा है।

 

 



बता दें कि इससे पहले शिक्षा मंत्री लखमन रिम्बुर्इ ने  मेघालय विधानसभा में बताया था कि राज्य में चार डीआर्इर्इटी सेंटर बिना प्रधानाध्यापकों के चल रहे हैं। रिम्बुई ने बताया कि वर्तमान में नोंगस्पोह, नोंगस्टोइन, बघमारा और तुरा के डीआईईटी केंद्रों में कोई प्रधानाध्यापक नहीं है। इसके साथ ही रिम्बर्इ ने बताया कि राज्य में सात एेसे डीआर्इर्इटी सेंटर है, जहां शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।