मेघालय में उम्मीदवार लिखेंगे राज्य का भविष्य!

Daily news network Posted: 2018-02-15 16:43:25 IST Updated: 2018-02-15 16:55:38 IST
मेघालय में उम्मीदवार लिखेंगे राज्य का भविष्य!
  • मेघालय में चुनाव सर पर हैं बीजेपी और कांग्रेस एक दूसरे को मैदान से उखाड़ फेकने में लगे हैं एक तरफ जहां बीजेपी राज्य में नई पारी शुरू करने की जुगत में है।

शिलांग

मेघालय में चुनाव सर पर हैं बीजेपी और कांग्रेस एक दूसरे को मैदान से उखाड़ फेकने में लगे हैं एक तरफ जहां बीजेपी राज्य में नई पारी शुरू करने की जुगत में है। तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस अपना गढ़ बचाने में लगी है लेकिन ऐसे में स्वतंत्र उम्मीदवारों को नहीं भूलना चाहिए जो राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।

 



मेघालय की राजनीति में विचारधारा का जोर कम है, शख्सियतों, सुविधा और अपने बिरादरी के प्रति वफादारी की भावना का ज्यादा है ऐसे में मेघालय में बीते सालों के दौरान स्वतंत्र विधायकों की तादाद बढ़ी है और ये विधायक हमेशा मौका का फायदा उठाने की ताक में रहते हैं।

 


 इसका अस्सर आप मेघालय की मौजूदा कांग्रेस सरकार में देख सकते हैं जहां स्वतंत्र विधायकों की खूब चलती है,पार्टी अंदरुनी कलह की शिकार है सो उनके दांव-पेंच से अक्सर आशंका आन खड़ी होती है कि सरकार कहीं पटरी से ना उतर जाए।

 

 


 आपको बता दें कि साल 1998 से 2008 के बीच सूबे की विधानसभा में मात्र 5 स्वतंत्र विधायक थे. लेकिन 2013 तक ऐसे विधायकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई. साल 2013 तक पांच साल की अवधि के भीतर मेघालय में स्वतंत्र उम्मीदवारों का कुल वोट शेयर दोगुना से भी ज्यादा बढ़कर 13 फीसद से 27.7 प्रतिशत पर जा पहुंचा है। इस साल 84 व्यक्तियों ने स्वतंत्र उम्मीदवार के रुप में नामांकन का पर्चा भरा है।  इनमें से मात्र तीन मौजूदा विधानसभा में विधायक हैं, सदन के शेष 10 विधायकों ने कांग्रेस, बीजेपी, नेशनल पीपुल्स पार्टी या फिर एनसीपी का दामन थाम लिया है।

 


 संयुक्त मुख्य चुनाव अधिकारी तेंगसेंग जी मोमिन के मुताबिक, 'इस साल 2013 की तुलना में स्वतंत्र उम्मीदवार के रुप में नामांकन का परचा दाखिल करने वालों व्यक्तियों की तादाद कहीं कम है। लेकिन, ऐसे कुछ उम्मीदवारों को सूबे के किन्ही इलाकों में जितना समर्थन हासिल है, स्वतंत्र उम्मीदवारों में कुल 13 चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थेइससे स्वतंत्र उम्मीदवारों को हासिल समर्थन का अंदाजा लगाया जा सकता है।