मेघालय के दक्षिण तुरा से कांग्रेस उम्मीदवार ग्रिथालसन अरेंघ ने दिया भड़काऊ भाषण, मिला नोटिस

Daily news network Posted: 2018-02-13 17:23:15 IST Updated: 2018-02-13 17:23:15 IST
मेघालय के दक्षिण तुरा से कांग्रेस उम्मीदवार ग्रिथालसन अरेंघ ने दिया भड़काऊ भाषण, मिला नोटिस
  • मेघालय की दक्षिण तुरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस उम्मीदवार ग्रिथालसन अरेंघ मुश्लि में घिर गए हैं

शिलॉन्ग।

मेघालय की दक्षिण तुरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस उम्मीदवार ग्रिथालसन अरेंघ मुश्लि में घिर गए हैं। चुनाव आयोग ने अरेंघ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन पर बिना अनुमति के इलेक्शन मीटिंग करने और सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने के लिए भड़काऊ भाषण देने का आरोप है। चुनाव आयोग ने ग्रिथालसन अरेंघ को मंगलवार तक कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए कहा है। अगर वे जवाब देने में विफल रहते हैं तो उनके खिलाफ चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

 

 



नेशनल पीपुल्स पार्टी(एनपीपी) ने चुनाव आयोग को शिकायत की थी कि कांग्रेस उम्मीदवार और उनके समर्थकों ने 9 फरवरी को तुरा के न्यू वालबाकग्रे इलाके में एक मीटिंग के दौरान एनपीपी और भाजपा के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिया था। एनपीपी ने कांग्रेस उम्मीदवार पर सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने का आरोप लगाया था। एनपीपी का कहना है कि अपने भाषण में कांग्रेस उम्मीदवार ने कहा था कि अगर मेघालय में दोनों पार्टियां सत्ता में आई तो ईसाईयत को राज्य से मिटा दिया जाएगा।

 

 

 



चुनाव आयोग के नोटिस में कहा गया है, एनपीपी के महासिचव माथियास एन.मराक ने 10 फरवरी को नोडल ऑफिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि आपने और आपके समर्थकों ने तुरा के न्यू वालबाकग्रे में 9 फरवरी की शाम करीब 7.30 बजे एनपीपी और भाजपा के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिया था। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आपने अपने भाषण में कहा था कि अगर दोनों पार्टियां 2018 में सत्ता में आई तो मेघालय से क्रिश्चियनिटी को मिटा दिया जाएगा, जो कि आपत्तिजनक और भड़काऊ है। यह लोगों की सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने वाला है।

 

 

 

 


कारण बताओ नोटिस में इस बात का भी जिक्र है कि कांग्रेस उम्मीदवार ने रिटर्निंग ऑफिसर से मीटिंग के लिए अमुमति नहीं मांगी। अनुमति के बगैर मीटिंग कर ली जबकि पहले से आचार संहिता लागू है। चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा कि इस तरह के मुश्किल वक्त में बिना अनुमति मांगे आपके मीटिंग करने के इरादे को आदर्श आचार संहिता व नियमों के उल्लंघन को जानबूझकर की गई कोशिश क्यों न माना जाए। आपको बता दें कि मेघालय में इसी माह विधानसभा चुनाव है। राज्य की 60 सीटों के लिए 27 फरवरी को मतदान है। 3 मार्च को चुनाव के नतीजे घोषित होंगे। 5 मार्च तक चुनावी प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है क्योंकि 6 मार्च को मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।