सिक्किम को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने का कवायद फिर से शुरू

Daily news network Posted: 2018-03-13 11:23:50 IST Updated: 2018-03-13 12:50:25 IST
सिक्किम को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने का कवायद फिर से शुरू
  • पूर्वोत्तर के सभी राज्यों को 2020 तक रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की कवायद शुरू हैं। इस के तहत सिक्किम को भी रेल से जोड़ने की दिशा में फिर से पहल की जा रही है।

दार्जिलिंग

पूर्वोत्तर के सभी राज्यों को 2020 तक रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की कवायद शुरू हो चुकी है। इसके तहत सिक्किम को भी रेल से जोड़ने की दिशा में फिर से पहल की जा रही है। बता दें कि  पूर्वोत्तर के इस राज्य को रेलवे से जोड़ने की पहल 15वीं लोक सभा चुनाव के बाद गठित यूपीए-दो की सरकार में तत्कालीन रेलमंत्री मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उपस्थिति में तत्कालीन उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने 30 अक्टूबर 2009 को की थी, लेकिन उस समय तय समय सीमा काम नहीं हो पाया था। एनएफ रेलवे के आधिकारिक सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक इस परियोजना पर काम शुरू करने में सबसे बड़ी बाधा जमीन अधिग्रहण को लेकर है।

 



गौरतलब है कि परियोजना से जुड़ी ज्यादातर जमीन पश्चिम बंगाल में पड़ रही है, जिसे लेकर पश्चिम बंगाल सरकार को पत्र लिखा गया था। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा इस मामले में चर्चा करने के लिए एनएफ रेलवे प्रशासन को दार्जिलिंग में होने वाले बिजनेस समिट के मौके पर बुलाया गया है। एनएफ रेलवे के जीएम (कंस्ट्रक्शन) नीलेश किशोर प्रसाद सोमवार को दार्जिलिंग रवाना भी हुए। नीलेश किशोर ने संवाददाताओं से बताया कि जमीन अधिग्रहण होने के साथ इस परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा।

 

 


उल्लेखनीय है कि नौ वर्षो लंबित पड़ी सेवक-रंगपो रेल परियोजना के शुरू होने से पहले ही एक संस्था ने पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की आशंका जताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट से दो साल पहले इस परियोजना को शुरू करने की हरी झंडी मिल चुकी है। कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद सर्वे का काम शुरू हो चुका है। रेलवे लाइन के लिए जरूरी जमीन अधिग्रहण के लिए संबंधित विभागों के साथ बैठक की जा रही है।


 

15वीं लोक सभा चुनाव के बाद शुरू हुर्इ थी परियोजना-


सिक्किम को रेल से जोड़ने की कवायद 15वीं लोक सभा चुनाव के बाद गठित यूपीए-दो की सरकार में तत्कालीन रेलमंत्री मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उपस्थति में 1340 करोड़ रुपये की इस परियोजना को वर्ष 2015 तक पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन सेवक से रंगपू तक अधिकतर पहाड़ियों पर ही रेल लाइन ले जानी है। जमीन का अधिग्रहण होने के बाद उसकी लोकेटिंग व कटिंग होगी। इसके बाद रेल लाइन बिछाने का कार्य शुरू होगा। सेवक से रंगपू तक लगभग 53 किलोमीटर दूरी की इस रेल परियोजना में लगभग एक-एक किलोमीटर की 11 सुरंगों से लाइन बिछी है। सेवक से रंगपू के बीच मैली, तिस्ता बाजार, गेलीखोला, रियांग व रंगपू स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है।