मीडिया लोकतंत्र का चतुर्थ स्तंभ : सोनोवाल

Daily news network Posted: 2018-04-14 13:56:09 IST Updated: 2018-04-14 19:21:50 IST
मीडिया लोकतंत्र का चतुर्थ स्तंभ : सोनोवाल
  • लोकतांत्रिक देश में आलोचना का बहुत महत्व है । सकारात्मक आलोचना से लोकतंत्र की सुंदरता बढ़ने के साथ ही इससे सरकार को शक्ति मिलती है । मीडिया को सरकार पर हमेशा पैनी नजर रखनी चाहिए ताकि सरकार की ओर से हो रहे गलत काम को समाज हित में सुधारा जा सके ।

गुवाहाटी

लोकतांत्रिक देश में आलोचना का बहुत महत्व है । सकारात्मक आलोचना से लोकतंत्र की सुंदरता बढ़ने के साथ ही इससे सरकार को शक्ति मिलती है । मीडिया को सरकार पर हमेशा पैनी नजर रखनी चाहिए ताकि सरकार की ओर  से हो रहे गलत काम को समाज हित में सुधारा जा सके । 




तथ्य एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से पत्रकारों को सरकारी मान्यता प्राप्त पहचान पत्र देने के उद्देश्य से खानापाड़ा स्थित प्रशासनिक पदाधिकारी महाविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने उपरोक्त  बाते कहीं । मुख्यमंत्री सोनोवाल ने कहा कि पत्रकार का कार्य चुनौतियों से  भरा होता है । 






मीडिया लोकतंत्र का चतुर्थ स्तंभ है जिसका मुख्य लक्ष्य होता है समाज के कल्याण की दिशा में काम करना । सरकार भी वही करती है, लेकिन दोनों के काम करने के तरीका अलग होता है । सोनोवाल ने सकारात्मक चर्चा व आलोचना की प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज की भलाई के लिए आलोचना करना बेहद जरूरी है, लेकिन वह आलोचना सकारात्मक दिशा में होनी चाहिए जिससे समाज का कल्याण हो सके । 






उन्होंने मीडिया से आह्वान करते हुए कहा कि पत्रकारों को सरकार के काम-काज पर पैनी नजर रखनी चाहिए ताकि वे किसी प्रकार का गलत कार्य नहीं करें  ।  दोनों को देश तथा समाज के  कल्याण करने के मद्देनजर मिलकर शांति, समन्वय और भाईचारे को आगे बढ़ाना होगा, ताकि नई पीढ़ी हमारी इस चुनौतीपूर्ण उउपलब्धि से प्रेरणा ले सके।

 





उन्होंने कहा कि मीडिया को अच्छे और बुरे काम को परखना होगा और अच्छे काम की प्रशंसा और बुरे कार्य की भर्त्सना करनी होगी । तभी वे दोनों में फर्क  महूसस कर समाज के लिए काम करेंगे । उन्होंने मीडिया कर्मी को भरोसा देते हुए कहा कि सरकार की और से कई कल्याणकारी योजना शुरू की गई है, लेकिन यह नाकाफी है एवं निकट भविष्य में कई और योजनाएं शुरू होने की संभावना है ।





 मुख्यमंत्री ने कहा  कि प्रदेश की जनता उनसे काफी अपेक्षा लगाए बैठी है कि सरकार क्या कर रही है । उनकी अपेक्षाओं के ध्यान में रखते हुए उनकी सरकार  पिछले 23 महीने के कार्यकाल को अग्नि परीक्षा के तौर पर स्वीकार किया है । इसे और पारदर्शी बनाने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से पंचायत कार्यालय तक भ्रष्टाचार मुक्त शासन व्यवस्था कायम होगी । 






इस मौके पर विभाग के निदेशक राजीव प्रकार बल्वा ने कहा कि संपादकों की बहुप्रतिक्षित विभिन्न मांगों पर हमने एक समिति बनाई थी और समिति की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने संपादकों को भी सरकारी सुविधा देने का निर्णय लिया है । उन्होंने कहा कि आज हम 153 पत्रकारों को डीआईपीआर कार्ड दे रहे हैं । हालांकि लोग अभी भी बाकी है जिन्हें जल्द जारी किया जाएगा । मालूम हो कि इस पर मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार हृषिकेश गोस्वामी और मुख्यमंत्री के कानूनी सलाहकार शांतनु भराली समेत विभाग के कई अधिकारी उपस्थित थे ।