सोनिया गांधी के ट्रस्ट और मैरी कॉम के NGO समेत 42 संगठनों पर गिरी गाज, होगी जांच

Daily news network Posted: 2018-03-23 09:47:33 IST Updated: 2018-03-23 09:47:33 IST
सोनिया गांधी के ट्रस्ट और मैरी कॉम के NGO समेत 42 संगठनों पर गिरी गाज,  होगी जांच
  • सोनिया गांधी के नेतृत्व वाले राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट समेत मैरी कॉम द्वारा स्थापित NGO और IT इंडस्ट्री से जुड़ा संगठन नैस्कॉम और एमनेस्टी इंटरनेशनल की भारतीय शाखा समेत 42 अन्य गैरसरकारी संगठनों (NGO) की जांच की जाएगी है।

गुवाहाटी

सोनिया गांधी के नेतृत्व वाले राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट समेत मैरी कॉम द्वारा स्थापित NGO और IT इंडस्ट्री से जुड़ा संगठन नैस्कॉम और एमनेस्टी इंटरनेशनल की भारतीय शाखा समेत 42 अन्य गैरसरकारी संगठनों (NGO) की जांच की जाएगी है। विदेशी चंदा लेने में कथित अनियमितताओं को लेकर गृह मंत्रालय इन संगठनों की जांच कर रहा है।

 

 


 केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब पर बताया कि FCRA (फॉरन कॉन्ट्रिब्यूशन्स रेगुलेशन ऐक्ट) या FCRR (फॉरन कॉन्ट्रिब्यूशन्स रेगुलेशन रूल्स) के कथित उल्लंघन की प्राथमिक जांच के तौर पर 21 NGOs को एक स्टैंडर्ड प्रश्नावली दी गई है। इसी तरह के कथित उल्लंघनों के लिए 21 अन्य संगठनों का ऑडिट और जांच कराई जा रही है।

 


 बेंगलुरू स्थित सेंटर फॉर इंटरनेट ऐंड सोसाइटी को भी यह प्रश्नावली दी गई है, जिसने पिछले साल आधार के डेटाबेस में बड़े पैमाने पर लीक्स का दावा किया था। जांच के दायरे में राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट, जिसे बिल ऐंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन से अच्छी धनाराशि मिलती है और पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (इसका FCRA लाइसेंस पिछले साल रद्द कर दिया गया था), एशियानेट न्यू चैरिटेबल ट्रस्ट और मैरी कॉम का बॉक्सिंग ट्रेनिंग स्कूल भी शामिल है।

 


 स्टैंडर्ड प्रश्नावली में 32 सवाल पूछे गए हैं, जिससे यह जांच की जा सके कि FCRA के नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ है? गौरतलब है कि इस तरह के उल्लंघनों की बात सबसे पहले जिलाधिकारी या खुफिया एजेंसियों के संज्ञान में आई थी। अगर इन संगठनों के जवाब को संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो FCRA अकाउंट का ऑडिट कराने के साथ ही इनके बुक्स और परिसर की भी जांच की जा सकती है।

 


 PHFI, नैस्कॉम और अरुणाचल व केरल में स्थित ईसाई संगठनों के ऑडिट और जांच की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उधर, नैस्कॉम के CEO श्रीकांत सिन्हा ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि सरकार ने जनवरी 2018 में एक 'रूटीन' FCRA ऑडिट कराया है। ऑडिट के बाद फाउंडेशन को आज तक मंत्रालय की ओर से किसी प्रकार का नोटिस नहीं मिला है।