कांग्रेस को लगा तगड़ा झटका, एक साथ कई दिग्गज नेताओं ने थामा भाजपा का दामन

Daily news network Posted: 2019-08-14 10:25:06 IST Updated: 2019-08-14 11:03:55 IST
कांग्रेस को लगा तगड़ा झटका, एक साथ कई दिग्गज नेताओं ने थामा भाजपा का दामन
  • देश के साथ-साथ कांग्रेस असम में भी संकट के दौर से गुजर रही है। असम में पार्टी के एक-एक करके कई नेता अब तक भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो चुके हैं। वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो आने वाले दिनों में भी पार्टी छोड़ सकते हैं।

देश के साथ-साथ कांग्रेस असम में भी संकट के दौर से गुजर रही है। असम में पार्टी के एक-एक करके कई नेता अब तक भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो चुके हैं। वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो आने वाले दिनों में भी पार्टी छोड़ सकते हैं। हाल ही में असम से राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया। पिछले सप्ताह राज्यसभा में पार्टी के चीफ व्हिप भुवनेश्वर कलिता भी बीजेपी में शामिल हुए। उन्होंने ये फैसला कश्मीर से 370 हटाए जाने के तुरंत बाद ही लिया। कलिता का कार्यकाल अगले साल खत्म होना था, लेकिन उन्होंने पहले ही राज्यसभा से इत्सीफा दे दिया।


 कांग्रेस को एक और झटका शनिवार को तब लगा जब पूर्व राज्यसभा सांसद एस कुजूर ने भी इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस से नेताओं के जाने का सिलसिला यहीं नहीं थमा। असम में कांग्रेस के बड़े नेता रहे तिनसुकिया के पूर्व विधायक राजेंद्र प्रसाद सिंह ने भी पार्टी को झटका देते हुए इस्तीफा दे दिया। वह लंबे समय से असम में चाय श्रमिकों के सबसे बड़े संगठन, असम मजदूर संघ से जुड़े थे।


 पार्टी से इस्तीफा देने वाले कुजूर ने कहा कि मुझे लगता है कि कांग्रेस दिशाहीन है और कहां जा रही नहीं पता। बराक घाटी के एक और प्रमुख नेता और पूर्व मंत्री गौतम रॉय ने भी कांग्रेस छोड़कर पार्टी को तगड़ा झटका दिया। हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस उम्मीदवार सुष्मिता देव और स्वरूप दास की हार का वह जश्न मनाते हुए देखे गए थे।


 राज्य में महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव को लोकसभा चुनावों में सिलचर से हार मिली थी। वहीं दास को करीमगंज में हार का सामना करना पड़ा था। गौतम रॉय ने कहा कि पार्टी तो रहेगी, लेकिन कांग्रेस अब वो पार्टी नहीं है जिसे मैं वर्षों से पहले जुड़ा था।


 गौतम रॉय, कुजूर रविवार को बीजेपी में शामिल हो गए। 2016 में विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में कांग्रेस के बड़े नेता रहे हिमंत विश्व शर्मा और कई विधायकों ने भी पार्टी छोड़ दी थी। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने ईटी को बताया कि असम में कांग्रेस 2014 से संकट का सामना कर रही है। वर्तमान में, असम में कांग्रेस के तीन बड़े नेता रिपुन बोरा, देवव्रत सैकिया और तरुण गोगोई अलग-अलग भाषा बोल रहे हैं।