मणिपुर के गैंग ने PGI में फर्जी पति-पत्नी दिखाकर 5 का करवाया Kidney ट्रांसप्लांट

Daily news network Posted: 2019-09-09 16:46:44 IST Updated: 2019-09-09 16:47:47 IST
मणिपुर के गैंग ने PGI में फर्जी पति-पत्नी दिखाकर 5 का करवाया Kidney ट्रांसप्लांट
  • किडनी ट्रांसप्लांट के लिए सबसे सेफ माने जाने वाले पीजीआई में ही पिछले करीब एक साल से लोगों की किडनियां निकालकर ट्रांसप्लांट की जा रही थी।

किडनी ट्रांसप्लांट के लिए सबसे सेफ माने जाने वाले पीजीआई में ही पिछले करीब एक साल से लोगों की किडनियां निकालकर ट्रांसप्लांट की जा रही थी। इसके लिए किडनी देने वालों को मोटी रकम दी जा रही थी। सारा रैकेट मणिपुर के 4 लोग चला रहे थे। अब तक पति पत्नी दिखाकर कुल 5 लोगों की किडनियां इस गैंग ने पीजीआई से ट्रांसप्लांट करवाई हैं।

 

 

 

 


पुलिस ने इस मामले में आर्गन ट्रांसप्लांट एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। इसमें अब पहली गिरफ्तारी भी कर ली है। पुलिस ने दिल्ली से जिस महिला ईबोम को दबोचा था, रविवार को जांच के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी महिला ने पुलिस पूछताछ में मान लिया है कि वह मणिपुर की महिला को किडनी ट्रांसप्लांट करवाने के लिए उसे पैसे और नौकरी का झांसा देकर यहां लाई थी। इस मामले में आरोपी महिला और शिकायतकर्ता मणिपुर निवासी महिला दोनों के पुलिस ने रविवार को बंद कमरे में सीआरपीसी की धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने ट्रांसलेटर के जरिए बयान दर्ज भी करवाए गए हैं।

 


 


 पुलिस को पूछताछ में गिरफ्तार की गई महिला ईबोम ने तीनों किंगपिन के नामों के खुलासे कर दिए हैं। इनमें टिथोम्बा किंगपिन है, जबकि सुरजीत और गुरूंग भी शामिल है। तीनों मणिपुर के रहने वाले हैं, लेकिन इनमें से सुरजीत और गुरूंग चंडीगढ़ में ही काफी समय से रह रहे हैं।आरोपी मणिपुर से गरीब लोगों को किडनी डोनेट के लिए तैयार कर पीजीआई लाते थे।

 

 


पुलिस को पीजीआई के कर्मियों पर भी शक है। पुलिस उनका मणिपुर लिंक तलाश रही है।  सूत्रों की माने तो फरार आरोपियों की कॉल डिटेल में पीजीआई के टेक्नीकल स्टाफ के एक कर्मी का नंबर सामने आया है।

 


 


दरअसल आरोपी महिला ईबोम 12 अगस्त को पीड़ित टॉकचोम थोई देवी को फ्लाइट से मणिपुर से चंडीगढ़ नौकरी का झांसा देकर लाई। महिला के पीजीआई में 20 से ज्यादा टेस्ट करवाए। इस दौरान टॉकचोम को शक हुआ तो वह वहां से भागकर सखी संस्था के पास गई। इसके बाद मामला एसएसपी निलांबरी विजय जगादले के पास पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। सामने आया है कि टॉकचोम की किडनी पेशेंट विमल को ट्रांसप्लांट की जानी थी। पीजीआई  के रिकाॅर्ड में विमल को टॉकचोम का पति दिखाया गया था। पुलिस ने विमल को आरोपी बनाया है। उसकी बीमारी के चलते उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है।