मणिपुर की दोनों लोकसभा सीटों पर होता आया है दिलचस्प मुकाबला, जानिए यहां

Daily news network Posted: 2019-04-24 09:51:18 IST Updated: 2019-04-24 09:51:46 IST
मणिपुर की दोनों लोकसभा सीटों पर होता आया है दिलचस्प मुकाबला, जानिए यहां
  • मणिपुर भारत का एक पूर्वोत्तरीय राज्य है। इसकी राजधानी इंफाल है।

मणिपुर भारत का एक पूर्वोत्तरीय राज्य है। इसकी राजधानी इंफाल है। मणिपुर की सीमा उत्तर में नगालैंड से दक्षिण में मिजोरम से जबकि पश्चिम में असम और पूर्व में म्यानमार से लगती है। मणिपुर कुल 22237 किलोमीटर में फैला हुआ है। मणिपुर की कुल आबादी 30 लाख के करीब है। राज्य में मैइटी एथेनिक ग्रुप की कुल आबादी मणिपुर की कुल आबादी का 53 फीसदी हिस्सा है। मणिपुर की मुख्य भाषा मणिपुरी है। राज्य में आदिवासियों की संख्या भी 40 फीसदी के आसपास है।

 

 



मणिपुर में मैइटी जाति के लोग सबसे ज्यादा रहते हैं। ये घाटी इलाकों में रहते हैं। वहीं कुकि और नागा राज्य के प्रमुख आदिवासी प्रजातियां हैं। मणिपुर में नागा को आगे चलकर कई प्रजातियों में बांटा गया है। जिनमें टंगघुल, मरम, अंगामी जैसे प्राजितयां शामिल हैं।

 

 


 मणिपुर में मुख्य रूप से मैइटी और इंग्लिश बोली जाती है। मैइटी भाषा को मणिपुरी भाषा भी कहा जाता है। मैइटी के अलावा राज्या में कई अन्य स्थानीय भाषाएं जेसे की अनल, गंगटे, सिमटे और मौन आदि भी बोली जाती हैं। मणिपुर में सबसे ज्यादा सनामिश्म जाति के लोग मिलते हैं। इनकी संख्या कुल आबादी का 41.39 फीसदी है। राज्य के कुछ जिलों में इनकी आबादी लगभग 70 फीसदी है। सनामिश्म के अलावा राज्य में सबसे ज्यादा क्रिश्चियन रहते हैं।

 

 


 मणिपुर में लोकसभा की दो सीटें हैं। इन दोनों सीटों पर शुरू से ही काफी कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है। इन सीटों में आउटर और इनर मणिपुर की सीटें शामिल हैं। इस बार भी इन दोनों सीटों पर सभी की नजर होगी।

 

 


 मणिपुर में छोटी बड़ी कई राजनीतिक पार्टियां हैं लेकिन अगर प्रमुख राजनीतिक पार्टियों की बात करें तो इनमें बीजेपी, कांग्रेस और पिपुल्स रीसर्जेंश एंड जस्टिस एलायंस मुख्य रूप से शामिल हैं। इस बार के चुनाव में मुख्य मुकाबल कांग्रेस और बीजेपी के बीच दिख रहा है। बीजेपी ने 2017 में हुए चुनाव में यहां कांग्रेस को हराने के साथ ही सत्ता संभाली थी। बीजेपी के एनबी सिंह फिलहाल मणिपुर के मुख्यमंत्री हैं। बता दें कि राज्य के पहले मुख्यमंत्री एमके सिंह थे। वह कांग्रेस पार्टी से चुने गए थे। राज्य में पांच बार कांग्रेस पार्टी सत्ता में रही है।