मणिपुर के मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति, कह दी ऐसी बात

Daily news network Posted: 2018-04-01 19:09:52 IST Updated: 2018-06-22 15:02:43 IST
मणिपुर के मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति, कह दी ऐसी बात
  • 'भारत में राज्य के एकीकरण' से जुड़ी मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की हालिया टिप्पणी को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को कांग्रेस की मणिपुर इकाई ने आरोप लगाया कि यह 'इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने की कोशिश है।'

इंफाल।

'भारत में राज्य के एकीकरण' से जुड़ी मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की हालिया टिप्पणी को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को कांग्रेस की मणिपुर इकाई ने आरोप लगाया कि यह 'इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने की कोशिश है।'


 गुजरात के माधवपुर मेले में अपनी हालिया यात्रा के दौरान बीरेन सिंह ने कहा था कि पूर्वोत्तर द्वापर युग से ही भारत का हिस्सा रहा है और 'भगवान कृष्ण ने पौराणिक काल में मणिपुर को भारत का हिस्सा बनाया था।'


 सिंह ने भगवान कृष्ण के विवाह की पौराणिक कथा का भी जिक्र करते हुए कहा था, 'रुक्मिणी से विवाह करके कृष्ण ने पूर्वोत्तर को भारत से जोड़ा था।'

 


 मुख्यमंत्री ने कहा था, 'एकीकृत भारत का हिस्सा होने के बाद भी अतीत में राजनीतिक एवं सामाजिक रूप से पूर्वोत्तर राज्यों की अनदेखी की गई।'


 इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू और महेश शर्मा सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेता मौजूद थे। इन नेताओं ने रुक्मिणी के पूर्वोत्तर से होने के पौराणिक संदर्भ के बारे में बातें की।


 कांग्रेस के अलावा स्थानीय लोगों ने भी मुख्यमंत्री के इस बयान पर नाराजगी जाहिर की है। जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता बीनालक्ष्मी नेपराम ने सोशल मीडिया पर ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ के लिए मुख्यमंत्री से माफी मांगने के लिए कहा है।


 सिंह के बयान को गंभीरता से लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह की अगुवाई में विपक्षी नेताओं ने कहा कि गुजरात में अपने 'गैर-जिम्मेदाराना दावों' के लिए मुख्यमंत्री को माफी मांगनी चाहिए।


 स्थानीय कांग्रेस भवन में एक प्रेस कांफ्रेंस में इबोबी ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे से 'राजनीतिक लाभ' नहीं लेना चाहती और सिर्फ तथ्यों पर स्पष्टीकरण चाहती है।


 उन्होंने कहा, 'राज्य का 1949  में राजनीतिक तौर पर भारत में विलय हुआ और बीरेन को अपने गैर-जिम्मेदाराना दावों के लिए स्पष्टीकरण देना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।'